Drnewsindia.com
भोपाल | एक से अधिक विवाह के आरोपों से घिरे पूर्व मंत्री और ‘राजनीति के संत’ स्व. कैलाश जोशी के पुत्र दीपक जोशी ने शनिवार को सोशल मीडिया पर अपना पक्ष रखा है। फेसबुक पर जारी एक वीडियो संदेश में जोशी ने अपनी चुप्पी तोड़ते हुए इसे जीवन के ‘यश-अपयश’ का दौर बताया।
वीडियो संदेश के मुख्य अंश: “विरासत पर आंच नहीं आने दूंगा”
1 मिनट 28 सेकंड के वीडियो में दीपक जोशी भावुक नजर आए। उन्होंने अपने ऊपर लगे आरोपों पर सीधे तौर पर तो कुछ नहीं कहा, लेकिन इशारों में बहुत कुछ साफ किया:
- गलती स्वीकार, लेकिन कपट नहीं: जोशी ने कहा, “जीवन में यश-अपयश आते रहते हैं। मैंने गलतियां जरूर की हैं, लेकिन कभी बेईमानी, छल या कपट नहीं किया।”
- शुचिता की लड़ाई: उन्होंने अपने पिता कैलाश जोशी का जिक्र करते हुए कहा कि वे उनके पदचिन्हों पर चलते हुए ‘शुचिता’ (Purity) के लिए लड़ना जारी रखेंगे।
- निजी जीवन पर गोपनीयता: जिन महिलाओं ने उनके निजी जीवन को सार्वजनिक किया है, जोशी ने उन पर और अधिक टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।
क्या है पूरा मामला?
यह विवाद 4 दिसंबर 2025 को तब शुरू हुआ जब कांग्रेस की पूर्व प्रदेश सचिव पल्लवी राज समेत तीन महिलाओं ने दीपक जोशी के साथ विवाह करने का दावा किया। पल्लवी ने सोशल मीडिया पर कुछ तस्वीरें और दस्तावेज पोस्ट किए थे, जिसके बाद मध्य प्रदेश की राजनीति में हड़कंप मच गया था।
दीपक जोशी का रुख: “पिताजी की विरासत मेरी शक्ति”
जोशी ने वीडियो में जोर देकर कहा कि वे रास्ते से भटके नहीं हैं। उन्होंने कहा:
“मेरे पिताजी को राजनीति का संत कहा जाता है। उनकी विरासत के आधार पर कह सकता हूं कि न मैं रास्ते भटका, न ही मैंने अपनी गरिमा खोई है।”
सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाएं
दीपक जोशी के इस वीडियो के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। समर्थकों ने इसे उनकी सादगी बताया है, वहीं विरोधियों का कहना है कि उन्होंने आरोपों का सीधा जवाब देने के बजाय भावनाओं का सहारा लिया है।




