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भोपाल। मध्य प्रदेश में अब मौसम ने अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। अप्रैल के पहले पखवाड़े में बारिश और ओलावृष्टि के बाद अब सूरज की तपिश लोगों को झुलसा रही है। प्रदेश में अधिकतम तापमान औसत से 4 से 6 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ गया है। मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, आने वाले दिनों में गर्मी का असर और भी तीखा होने वाला है।
🌡️ तप रहे हैं एमपी के शहर: रतलाम रहा सबसे गर्म
शनिवार को प्रदेश के 18 शहरों में दिन का तापमान 37 डिग्री सेल्सियस के पार दर्ज किया गया।
- रतलाम: 40.6°C (प्रदेश में सर्वाधिक)
- नर्मदापुरम: 39.4°C
- धार: 39.2°C
- इंदौर: 37.6°C
- उज्जैन: 38.0°C
- भोपाल: 36.8°C
मौसम केंद्र के अनुसार, इंदौर, उज्जैन, भोपाल और नर्मदापुरम संभाग के जिलों में गर्मी का प्रभाव सबसे अधिक देखा जा रहा है।
⚠️ मौसम विभाग की एडवाइजरी: लू से बचाव के उपाय
बढ़ती गर्मी को देखते हुए IMD ने स्वास्थ्य संबंधी एडवाइजरी जारी की है:
- हाइड्रेटेड रहें: दिन भर पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं।
- सही पहनावा: हल्के वजन और हल्के रंग के सूती कपड़े पहनें।
- समय का ध्यान: दोपहर 12 से 4 बजे के बीच सीधे धूप में निकलने से बचें।
- विशेष सावधानी: बच्चों और बुजुर्गों के स्वास्थ्य का खास ख्याल रखें।
📉 10 साल का रिकॉर्ड: अप्रैल के अंत में टूटते हैं रिकॉर्ड
ऐतिहासिक आंकड़ों पर नज़र डालें तो अप्रैल का दूसरा पखवाड़ा बेहद घातक रहता है:
- ग्वालियर: यहां पारा 46.2°C (1958) तक जा चुका है।
- उज्जैन: पिछले साल (2025) यहां तापमान 48.8°C तक पहुँचा था, जो एक रिकॉर्ड है।
- जबलपुर: 28 अप्रैल 1970 को यहां 45.4°C तापमान दर्ज किया गया था।
⛈️ 15 अप्रैल को नया सिस्टम, लेकिन कमजोर
मौसम विभाग का कहना है कि 15 अप्रैल को एक नया पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) सक्रिय हो रहा है। हालांकि, यह सिस्टम काफी कमजोर है, जिससे बारिश की संभावना कम है। इसका मतलब है कि अब प्रदेश में लू और तेज गर्मी का दौर ही जारी रहेगा।
📅 फरवरी-मार्च का ट्रेंड: फसलों पर पड़ा था असर
इस साल मौसम काफी अनिश्चित रहा है। फरवरी और मार्च में 4-4 बार मौसम बदला, जिससे ओलावृष्टि और बेमौसम बारिश हुई। इसका सबसे बुरा असर गेहूं, पपीता और केले की फसलों पर पड़ा, जिसके लिए सरकार ने सर्वे के निर्देश भी दिए थे।
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