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भोपाल। मध्यप्रदेश के अन्नदाताओं के लिए राहत भरी खबर है। राज्य सरकार ने इस साल के गेहूं उपार्जन (Procurement) की तारीखों का ऐलान कर दिया है। प्रदेश में 10 अप्रैल से समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी की प्रक्रिया विधिवत शुरू होने जा रही है। प्रशासन ने इस बार बारदाने और भंडारण की व्यवस्थाओं को लेकर पुख्ता इंतजाम किए हैं।
दो चरणों में होगी खरीदी
सरकार ने भौगोलिक स्थिति और फसल कटाई के समय को देखते हुए खरीदी को दो चरणों में बांटने का निर्णय लिया है:
- प्रथम चरण (10 अप्रैल से): इंदौर, उज्जैन, भोपाल और नर्मदापुरम संभाग के जिलों में उपार्जन शुरू होगा।
- द्वितीय चरण (15 अप्रैल से): प्रदेश के अन्य सभी शेष संभागों में गेहूं की तुलाई प्रारंभ की जाएगी।
बारदाने की समस्या का समाधान: केंद्र से मिली मदद
किसानों को हर साल होने वाली बारदाने की किल्लत से बचाने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा सहयोग दिया है:
- राज्य को 50 हजार जूट की गठानों का अतिरिक्त आवंटन किया गया है।
- इसके साथ ही पारदर्शी व्यवस्था के लिए HDP/PP बैग और जूट बारदाने के मिश्रित उपयोग की अनुमति भी मिल गई है।
भंडारण क्षमता में मध्यप्रदेश नंबर-1
मध्यप्रदेश देश में सबसे अधिक कवर्ड भंडारण क्षमता (लगभग 400 लाख मीट्रिक टन) वाला राज्य है।
- उपार्जन लक्ष्य: इस वर्ष सरकार ने 78 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदने का लक्ष्य रखा है।
- खाली जगह: प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत अनाज वितरण होने से लगभग 10 लाख मीट्रिक टन अतिरिक्त जगह खाली होगी, जिससे भंडारण में कोई समस्या नहीं आएगी।
किसानों के लिए जरूरी निर्देश
प्रशासन का दावा है कि तुलाई केंद्रों पर छांव, पानी और बारदाने की पर्याप्त व्यवस्था रहेगी। किसानों से अपील की गई है कि वे अपनी बारी के संदेश (SMS) का इंतजार करें और तय समय पर ही केंद्रों पर पहुँचें ताकि भीड़भाड़ से बचा जा सके।




