Drnewsindia.com / 18 दिसंबर 2025
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ओमान के सुल्तान हैथम बिन तारिक ने देश के दूसरे सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘ऑर्डर ऑफ ओमान’ से सम्मानित किया। यह सम्मान भारत और ओमान के बीच मजबूत होते रणनीतिक, आर्थिक और सांस्कृतिक संबंधों की वैश्विक स्तर पर पुष्टि माना जा रहा है। खास बात यह है कि इसी दौरे के दौरान भारत और ओमान के बीच व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (CEPA) पर भी आधिकारिक रूप से हस्ताक्षर किए गए, जिसे आने वाले कई दशकों तक दोनों देशों के रिश्तों की दिशा तय करने वाला करार बताया जा रहा है।
प्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा सिर्फ एक औपचारिक कूटनीतिक यात्रा नहीं, बल्कि व्यापार, निवेश, ऊर्जा, रक्षा, अंतरिक्ष और सांस्कृतिक सहयोग के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है।

सुल्तान हैथम ने किया सम्मानित
सम्मान समारोह में ओमान के सुल्तान हैथम बिन तारिक ने प्रधानमंत्री मोदी को ‘ऑर्डर ऑफ ओमान’ प्रदान किया। यह ओमान का दूसरा सबसे बड़ा नागरिक सम्मान है, जो आमतौर पर किसी विदेशी नेता को असाधारण योगदान और द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊंचाई देने के लिए दिया जाता है।
प्रधानमंत्री मोदी ने सम्मान स्वीकार करते हुए कहा कि यह सम्मान भारत के 140 करोड़ नागरिकों और भारत-ओमान की सदियों पुरानी मित्रता का प्रतीक है। उन्होंने सुल्तान हैथम और ओमानी जनता के प्रति आभार जताया।
द्विपक्षीय बैठक में CEPA पर साइन
सम्मान समारोह से पहले प्रधानमंत्री मोदी और सुल्तान हैथम के बीच द्विपक्षीय वार्ता हुई। इस बैठक में भारत और ओमान के बीच Comprehensive Economic Partnership Agreement (CEPA) पर हस्ताक्षर किए गए।
इस समझौते पर बातचीत की शुरुआत नवंबर 2023 में हुई थी, जिसे अब अंतिम रूप दिया गया है। CEPA का उद्देश्य दोनों देशों के बीच व्यापार को सरल बनाना, टैरिफ कम करना, निवेश को बढ़ावा देना और नई इंडस्ट्रीज़ के लिए रास्ते खोलना है।
प्रधानमंत्री मोदी ने CEPA को लेकर कहा—
“आज हम एक ऐसा ऐतिहासिक फैसला ले रहे हैं, जिसकी गूंज आने वाले कई दशकों तक सुनाई देगी। CEPA हमारे साझा भविष्य का खाका है, जो व्यापार, निवेश और नवाचार को नई ऊर्जा देगा।”
CEPA से किन सेक्टर्स को होगा सीधा फायदा
भारत-ओमान CEPA के तहत कई भारतीय उद्योगों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है। इनमें प्रमुख रूप से—
- टेक्सटाइल और परिधान उद्योग
- फुटवियर और लेदर प्रोडक्ट्स
- ऑटोमोबाइल और ऑटो कंपोनेंट्स
- जेम्स एंड ज्वैलरी
- रिन्युएबल एनर्जी
- मैन्युफैक्चरिंग और MSME सेक्टर
इस समझौते से भारतीय कंपनियों को ओमान के बाजार में आसान पहुंच मिलेगी, वहीं ओमान के निवेशकों के लिए भारत एक आकर्षक निवेश गंतव्य बनेगा।
भारत-ओमान बिजनेस समिट में पीएम मोदी
मस्कट में आयोजित भारत-ओमान बिजनेस समिट को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने दोनों देशों के व्यापारिक रिश्तों की मजबूती पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत आज दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है और ओमान भारत का भरोसेमंद साझेदार है।
मोदी ने स्टार्टअप्स, उद्योगपतियों और निवेशकों से अपील करते हुए कहा—
“भारत में निवेश करें, नए प्रयोग करें और भारत-ओमान साझेदारी के साथ आगे बढ़ें। CEPA निवेशकों को नया आत्मविश्वास देगा और हर क्षेत्र में नए अवसर खोलेगा।”
प्रवासी भारतीयों को संबोधन
प्रधानमंत्री मोदी ने गुरुवार को ओमान की राजधानी मस्कट में प्रवासी भारतीय समुदाय को भी संबोधित किया। उन्होंने कहा—
“मौसम बदल सकते हैं, समुद्र की लहरें बदल सकती हैं, लेकिन भारत-ओमान की दोस्ती कभी नहीं बदलेगी।”
उन्होंने प्रवासी भारतीयों की तारीफ करते हुए कहा कि भारतीय जहां भी जाते हैं, वहां की संस्कृति, नियमों और विविधता का सम्मान करते हैं। मोदी ने बताया कि ओमान के भारतीय स्कूलों में करीब 46 हजार छात्र पढ़ते हैं और ओमान में भारतीय शिक्षा को 50 वर्ष पूरे हो चुके हैं।
भारत-ओमान रिश्तों की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
भारत और ओमान के संबंध सिर्फ आधुनिक कूटनीति तक सीमित नहीं हैं। इतिहासकारों के अनुसार, दोनों देशों के रिश्ते 5000 साल पुराने समुद्री व्यापार से जुड़े हैं। प्राचीन काल में ओमान को ‘मगन’ कहा जाता था, जो सिंधु घाटी सभ्यता के साथ व्यापार का प्रमुख केंद्र था।
आज भी यह रिश्ता व्यापार, ऊर्जा, रक्षा और रणनीतिक सहयोग के रूप में मजबूत होता जा रहा है।
रणनीतिक और रक्षा सहयोग
ओमान एकमात्र खाड़ी देश है, जिससे भारत का लॉजिस्टिक एक्सेस एग्रीमेंट है। 2018 में हुए इस समझौते के तहत भारतीय नौसेना और वायुसेना ओमान के रणनीतिक बंदरगाहों और सैन्य ठिकानों का उपयोग कर सकती है।
खासतौर पर दुकम पोर्ट तक भारत की पहुंच हिंद महासागर क्षेत्र में रणनीतिक दृष्टि से बेहद अहम मानी जाती है।
ऊर्जा और व्यापारिक संबंध
भारत ओमान के कच्चे तेल का चौथा सबसे बड़ा खरीदार है। वर्ष 2023 में भारत ने ओमान से हजारों करोड़ रुपए का कच्चा तेल खरीदा था। इसके अलावा ओमान भारत के लिए प्लास्टिक, केमिकल, सीमेंट और एल्यूमीनियम का बड़ा सप्लायर है।
वहीं भारत से ओमान को चावल, मशीनरी, खाद्य सामग्री, फल-सब्जियां, मसाले, चाय-कॉफी और मांस उत्पाद निर्यात किए जाते हैं।
ओमान: मिडिल ईस्ट का ‘स्विट्जरलैंड’
ओमान को मिडिल ईस्ट का सबसे तटस्थ और संतुलित देश माना जाता है। अमेरिका-ईरान, सऊदी-हूती और इजराइल-हमास जैसे कई जटिल मामलों में ओमान ने पर्दे के पीछे मध्यस्थ की भूमिका निभाई है। यही कारण है कि ओमान भारत के लिए एक भरोसेमंद रणनीतिक साझेदार बना हुआ है।
2025 में पीएम मोदी का 9वां अंतरराष्ट्रीय सम्मान
‘ऑर्डर ऑफ ओमान’ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 2025 में मिला नौवां अंतरराष्ट्रीय सम्मान है। यह भारत की वैश्विक कूटनीतिक स्थिति और प्रधानमंत्री मोदी की अंतरराष्ट्रीय स्वीकार्यता को दर्शाता है।




