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राजस्थान / राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (RBSE) की 12वीं विज्ञान वर्ग के परिणामों में इस बार बेटियों का दबदबा देखने को मिला है। बाड़मेर की दिव्या भादू ने 500 में से 499 अंक हासिल कर पूरे प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। साधारण पृष्ठभूमि से आने वाली दिव्या की इस सफलता ने पूरे शेखावाटी और मारवाड़ क्षेत्र को गौरवान्वित किया है।
सफलता की कहानी: हॉस्टल में तपस्या और अनुशासन
दिव्या मूल रूप से बाड़मेर जिले की धनाऊ तहसील के एक छोटे से गांव कृष्ण का तला की रहने वाली हैं। उनकी इस बड़ी जीत के पीछे दो साल का कड़ा संघर्ष छिपा है:
- सीकर में रहकर की पढ़ाई: दिव्या ने सीकर जिले के लोसल स्थित शेखावाटी स्कूल के हॉस्टल में रहकर अपनी तैयारी की।
- फोकस और निरंतरता: पिछले दो वर्षों से उन्होंने घर से दूर रहकर अपना पूरा ध्यान केवल पढ़ाई पर केंद्रित रखा।
- साधारण परिवार, ऊंचे इरादे: दिव्या के पिता सूजाराम एक सहायक ग्राम सेवक हैं। परिवार की सादगी ने कभी उनकी उड़ानों को सीमित नहीं किया।
भविष्य का लक्ष्य: अब बनना है IAS
विज्ञान वर्ग में झंडे गाड़ने के बाद दिव्या ने अपना अगला लक्ष्य भी तय कर लिया है। वे अब देश सेवा का सपना देख रही हैं।
“मेरा सपना अब प्रशासनिक सेवाओं में जाकर IAS ऑफिसर बनने का है। मैं समाज और देश की सेवा के लिए कड़ी मेहनत करना चाहती हूँ।” — दिव्या भादू
टॉपर्स की सूची में अव्वल
इस वर्ष राजस्थान 12वीं विज्ञान वर्ग में बेहतरीन प्रदर्शन रहा है। दिव्या उन पांच चुनिंदा विद्यार्थियों में शामिल हैं जिन्होंने 499/500 का जादुई आंकड़ा छूकर संयुक्त रूप से राज्य में पहला स्थान पाया है।
मुख्य आकर्षण:
- जिला: बाड़मेर (मूल निवासी), सीकर (शिक्षा केंद्र)
- स्कूल: शेखावाटी स्कूल, लोसल (सीकर)
- अंक: 499/500 (99.8%)
- विषय: विज्ञान (Science)
दिव्या की यह उपलब्धि उन हजारों ग्रामीण विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा है जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखते हैं।




