Drnewsindia/(बिहार)।
बिहार के मोतिहारी जिले के कैथवलिया गांव में बन रहा विराट रामायण मंदिर देश का ही नहीं, बल्कि दुनिया का सबसे ऊंचा मंदिर बनने की ओर बढ़ रहा है। यह मंदिर ऊंचाई और परिसर—दोनों के लिहाज से अयोध्या के राम मंदिर से कहीं अधिक भव्य होगा।
परियोजना से जुड़े अधिकारियों के अनुसार, विराट रामायण मंदिर की प्रस्तावित ऊंचाई 270 फीट होगी, जबकि अयोध्या का राम मंदिर 161 फीट ऊंचा है। मंदिर परिसर करीब 120 एकड़ में विकसित किया जा रहा है, जो अयोध्या राम मंदिर परिसर (70 एकड़) से लगभग 1.7 गुना बड़ा है।
56 फीट ऊंचा शिवलिंग स्थापित, पूजा 2027 से
अब तक के सबसे बड़े अपडेट के रूप में मंदिर परिसर में 56 फीट ऊंचा शिवलिंग स्थापित किया जा चुका है। इसे दुनिया का सबसे ऊंचा शिवलिंग बताया जा रहा है।
मंदिर न्यास के अनुसार, शिवलिंग की स्थापना 17 जनवरी 2026 को की गई थी, जबकि इसकी नियमित पूजा वर्ष 2027 से शुरू होगी।
RO पानी, सरिया और राजस्थान के लाल पत्थर से निर्माण
विराट रामायण मंदिर का निर्माण आधुनिक तकनीक और पारंपरिक वास्तुशिल्प के संयोजन से किया जा रहा है।
निर्माण में—
- RO (रिवर्स ऑस्मोसिस) का शुद्ध पानी,
- करीब 3 लाख क्विंटल सरिया,
- और राजस्थान के लाल पत्थर का उपयोग हो रहा है।
मंदिर का प्लेटफॉर्म (बेस) अब पूरी तरह तैयार हो चुका है।
रामायण के 22 प्रमुख पात्रों की लगेंगी मूर्तियां
मंदिर परिसर में रामायण से जुड़े 22 प्रमुख पात्रों की भव्य मूर्तियां स्थापित की जाएंगी। इनमें महर्षि वाल्मीकि, विश्वामित्र, राजा दशरथ समेत अन्य प्रमुख चरित्र शामिल होंगे।
कंबोडिया के विरोध के बाद बदला गया डिजाइन
मंदिर के नक्शे को अब तक तीन बार बदला जा चुका है।
मंदिर के आर्किटेक्ट नवरत्न रघुवंशी के अनुसार, शुरुआती डिजाइन को लेकर कंबोडिया की एक संरचना से समानता को लेकर आपत्ति जताई गई थी। इसके बाद आवश्यक बदलाव कर अंतिम डिजाइन को मंजूरी दी गई।
रामायण यूनिवर्सिटी और सब्सक्रिप्शन मॉडल की योजना
मंदिर सुपरिंटेंडेंट के. सुधाकरण के मुताबिक, यह परियोजना कुणाल किशोर का ड्रीम प्रोजेक्ट है।
आने वाले समय में मंदिर परिसर में—
- गुरुकुल पद्धति पर आधारित रामायण यूनिवर्सिटी,
- और इस्कॉन मंदिरों की तर्ज पर सालाना सब्सक्रिप्शन मॉडल
लागू करने की योजना है।
शिलान्यास के बाद जमीन के दाम 100 गुना बढ़े
मंदिर निर्माण की घोषणा और शिलान्यास के बाद कैथवलिया गांव और आसपास के इलाकों में जमीन की कीमतों में 100 गुना तक उछाल दर्ज किया गया है। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार और व्यापारिक गतिविधियां भी बढ़ी हैं।




