1.5 एकड़ में बदली किसान की किस्मत, टमाटर की खेती से 7 लाख का मुनाफा

0
22

drnewsindia/राजनांदगांव (छत्तीसगढ़):
छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले के एक किसान ने पारंपरिक धान की खेती छोड़कर टमाटर की खेती अपनाई और एक ही सीजन में लाखों रुपये का मुनाफा कमाकर मिसाल पेश की है। छुरिया विकासखंड के लाममेटा गांव निवासी किसान त्रवेंद्र साहू ने सरकारी योजना का लाभ लेकर अपनी आर्थिक स्थिति को पूरी तरह बदल दिया।

धान छोड़ शुरू की टमाटर की खेती

किसान त्रवेंद्र साहू ने बताया कि पहले वे परंपरागत रूप से धान की खेती करते थे, लेकिन सीमित आमदनी के कारण उन्होंने उद्यानिकी फसलों की ओर रुख किया। उन्होंने 1.5 एकड़ भूमि में मल्चिंग पद्धति से टमाटर की खेती शुरू की, जिससे उनकी आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई।

2.50 लाख रुपये की मिली सरकारी सहायता

साहू को राष्ट्रीय बागवानी मिशन योजना के तहत लगभग 2 लाख 50 हजार रुपये का अनुदान प्राप्त हुआ। इस राशि से उन्होंने ड्रिप सिंचाई प्रणाली, उन्नत किस्म के पौधे और आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाया।

10 लाख की बिक्री, 7 लाख का शुद्ध मुनाफा

उद्यानिकी विभाग के तकनीकी मार्गदर्शन में उर्वरक एवं कीटनाशकों का संतुलित उपयोग किया गया, जिससे फसल की गुणवत्ता और उत्पादन में जबरदस्त बढ़ोतरी हुई। इस सीजन में अब तक उन्होंने करीब 10 लाख रुपये मूल्य के टमाटर की बिक्री की है, जिससे उन्हें लगभग 7 लाख रुपये का शुद्ध मुनाफा हुआ है।

किसान ने बताया कि इस सीजन में वे लगभग 1000 कैरेट टमाटर बाजार में बेच चुके हैं। उनके टमाटर की गुणवत्ता के कारण अच्छी मांग रही। टमाटर केवल स्थानीय और राजनांदगांव मंडी तक सीमित नहीं रहे, बल्कि नई दिल्ली, उत्तर प्रदेश सहित अन्य राज्यों में भी सप्लाई किए गए।

वर्तमान में खेत में टमाटर की तुड़ाई का कार्य लगातार जारी है और मार्च माह तक अच्छी पैदावार मिलने की संभावना जताई जा रही है। किसान त्रवेंद्र साहू का कहना है कि धान के स्थान पर उद्यानिकी फसल अपनाना उनके लिए बेहद लाभकारी साबित हुआ है।

साहू ने अन्य किसानों से भी शासन की योजनाओं का लाभ उठाकर आधुनिक तकनीक से सब्जी और उद्यानिकी फसलों की खेती करने की अपील की है, जिससे किसान आर्थिक रूप से समृद्ध हो सकते हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here