drnewsindia.com
उत्तर प्रदेश / उत्तर प्रदेश में शुक्रवार को कुदरत ने रौद्र रूप दिखाया। एक्टिव हुए पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के कारण प्रदेश के 25 से ज्यादा जिलों में मौसम पूरी तरह बिगड़ गया। कहीं ओलों की सफेद चादर बिछ गई, तो कहीं आकाशीय बिजली काल बनकर गिरी। इस आपदा में अब तक 3 किसानों समेत 5 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि खड़ी फसलें बर्बाद होने से अन्नदाता बेहाल है।
⚡ आकाशीय बिजली का तांडव: 5 मौतें, कई झुलसे
प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में बिजली गिरने से मातम छा गया:
- प्रयागराज: सोरांव में 50 वर्षीय राम बहादुर की मौत।
- बहराइच: सरसों की फसल देखने गए किसान मुनऊं (45) की मौके पर ही मौत।
- बलरामपुर: पेड़ के नीचे खड़े युवक तीरथराम (32) की जान गई।
- मिर्जापुर: बिजली की चपेट में आने से एक अन्य व्यक्ति की मौत की खबर।
- घायल: उन्नाव में सड़क निर्माण कर रहे 2 मजदूर और बाराबंकी में एक व्यक्ति गंभीर रूप से झुलस गए।
❄️ ओलावृष्टि और बारिश: ‘सफेद आफत’ में दफन हुई उम्मीदें
- ललितपुर: दोपहर बाद जमकर ओले गिरे। खेतों में बर्फ की चादर बिछ गई। एक महिला किसान अपनी बर्बाद फसल देख फफक कर रो पड़ी।
- लखनऊ: सुबह 10 बजे ही घने बादलों के कारण दिन में रात जैसा अंधेरा छा गया। तेज हवाओं के साथ झमाझम बारिश हुई।
- मथुरा: 87 किमी/घंटे की रफ्तार से चली हवाओं ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। सड़कें दरिया बन गईं।
🌾 अन्नदाता की कमर टूटी: पत्तागोभी, सरसों और गेहूं पर मार
किसानों के लिए यह बारिश ‘जहर’ साबित हो रही है:
- गोंडा: कडरू गांव में 1 बीघा पत्तागोभी के खेत में पानी भर गया, फसल सड़ने की कगार पर है।
- बाराबंकी: सरसों और आलू की तैयार फसल ओलों की मार से जमीन पर बिछ गई है।
- सिद्धार्थनगर व कौशांबी: 20-25 किमी की रफ्तार से चली हवाओं ने गेहूं की खड़ी फसल को गिरा दिया है।
📊 वेदर रिपोर्ट: अगले 48 घंटे भारी
लखनऊ के मौसम वैज्ञानिक अतुल सिंह के अनुसार, अगले 2 दिन राहत के आसार नहीं हैं।
| जिला | हवा की रफ्तार (Km/h) | वर्षा की स्थिति |
| मथुरा | 87 किमी | भारी बारिश |
| नोएडा | 59 किमी | रुक-रुक कर बारिश |
| आगरा/बुलंदशहर | 57 किमी | तेज हवाएं |
| बागपत | — | 6 मिमी (सर्वाधिक बारिश) |
📢 प्रशासन की अपील: सुरक्षित रहें
प्रशासन ने खराब मौसम को देखते हुए लोगों को सलाह दी है कि:
- बारिश या बिजली कड़कने के दौरान पेड़ों के नीचे न खड़े हों।
- खुले स्थानों पर काम करने से बचें।
- जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलें।




