अपने विधान क्षेत्र के गांव में राजस्व मंत्री का काफिला रोका, मंत्री श्री वर्मा से ग्रामीण बोले- महीनों से ट्रांसफार्मर बंद, बिजली की समस्या दूर करवाइए

0
5

drnewsindia.com/मध्यप्रदेश सरकार के जनविश्वास कार्यक्रम के दौरान शुक्रवार को प्रदेष के कैविनेट मंत्री को अपने ही विधान सभा क्षेत्र के महोडिया गांव में ग्रामीणों का गुस्सा सामने आ गया। बिजली की समस्या से परेशान ग्रामीणों ने कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा का काफिला रोक लिया।
ग्रामीण मंत्री की गाड़ी के सामने खड़े हो गए और बिजली व्यवस्था ठीक करने की मांग करने लगे। ग्रामीणों ने कहा कि हम लंबे समय से परेशान हैं, हमारी समस्या जल्दी दूर करवाइए। वे समस्या के समाधान का आश्वासन मिलने तक वहां से हटने को तैयार नहीं थे। बता दें कि जिस गांव में मंत्री का रास्ता रोका गया इसी गांव में चर्चित वेब सीरीज पंचायत की शूटिंग हुई है।


महीनों से बंद है गांव का ट्रांसफार्मर
ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में लंबे समय से बिजली संकट बना हुआ है। उनका कहना है कि गांव का ट्रांसफार्मर महीनों से बंद पड़ा है। इसके कारण घरों में अंधेरा रहता है और बच्चों की पढ़ाई के साथ लोगों का रोजमर्रा का काम भी प्रभावित हो रहा है।
बिजली नहीं होने से किसानों की परेशानी भी बढ़ गई है। खेतों में सिंचाई के लिए लगे मोटर पंप बंद पड़े हैं, जिससे फसलों की सिंचाई प्रभावित हो रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि बिजली विभाग को कई बार समस्या बताने के बावजूद कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया।
चंदा जुटाकर लगवाया ट्रांसफार्मर, वह भी बंद हो गया
ग्रामीणों ने बताया कि बिजली संकट से परेशान होकर उन्होंने खुद ही ट्रांसफार्मर लगवाने के लिए पैसे जुटाए। इसके लिए प्रत्येक घर से 500 रुपए जमा किए गए। आपसी सहयोग से नया ट्रांसफार्मर रखवाया गया, लेकिन वह भी कुछ घंटे चलने के बाद बंद हो गया।
ग्रामीणों का कहना है कि अपनी जेब से पैसे खर्च करने के बावजूद उन्हें बिजली संकट से राहत नहीं मिली। इसी नाराजगी के चलते उन्होंने मंत्री का काफिला रोककर अपनी समस्या बताई।

मंत्री ने जांच और बिजली व्यवस्था सुधारने का दिया आश्वासन
मौके पर मौजूद राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा और अधिकारियों ने ग्रामीणों की बात सुनी। मंत्री ने बिजली विभाग की लापरवाही की जांच कराने और गांव में जल्द नया ट्रांसफार्मर लगवाकर बिजली व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दिए। आश्वासन मिलने के बाद ग्रामीणों का गुस्सा शांत हुआ।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here