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अशोकनगर: नीट (NEET) परीक्षा में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक के मुद्दे पर गुरुवार को अशोकनगर जिला कांग्रेस कार्यालय में जमकर गर्जना हुई। कांग्रेस और NSUI नेताओं ने प्रेस वार्ता कर केंद्र की भाजपा सरकार को घेरते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री और NTA अध्यक्ष के इस्तीफे की मांग की।
विधायक का तंज: “भाजपा सरकार में पेपर लीक का रिकॉर्ड”
प्रेस वार्ता के दौरान विधायक हरी बाबू राय ने बेहद तल्ख अंदाज में सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा:
“बच्चों के डायपर भी इतनी बार लीक नहीं होते, जितनी बार भाजपा सरकार के शासनकाल में परीक्षाओं के पेपर लीक हुए हैं। यह युवाओं के भविष्य के साथ क्रूर मजाक है।”
शिक्षा माफियाओं के चंगुल में छात्रों का भविष्य
NSUI जिलाध्यक्ष अभिजीत रघुवंशी ने परीक्षा प्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि हर साल 22 लाख छात्र दिन-रात मेहनत करते हैं, लेकिन शिक्षा माफिया अमीर घर के बच्चों को फायदा पहुँचाने के लिए सिस्टम में सेंध लगा रहे हैं।
- मानसिक तनाव: बार-बार परीक्षा रद्द होने से गरीब और मध्यमवर्गीय छात्र अवसाद (Depression) का शिकार हो रहे हैं।
- छात्रों का संघर्ष: रघुवंशी ने भावुक होते हुए कहा कि कई छात्र प्लेटफॉर्म पर रात गुजारकर परीक्षा देने जाते हैं, लेकिन पेपर लीक की खबर उनके सपनों को चकनाचूर कर देती है।

कांग्रेस की प्रमुख मांगें
प्रेस वार्ता में नेताओं ने एकजुट होकर सरकार के सामने निम्नलिखित मांगें रखीं:
- इस्तीफा: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और NTA अध्यक्ष प्रदीप जोशी तुरंत अपने पद से इस्तीफा दें।
- न्यायिक जांच: पूरे मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में कराई जाए।
- पारदर्शिता: भविष्य में परीक्षाओं की शुचिता सुनिश्चित करने के लिए ठोस कानून बने।

अमृतकाल या अंधकार काल?
जिला कांग्रेस अध्यक्ष राजेंद्र कुशवाहा ने प्रधानमंत्री के ‘अमृतकाल’ वाले बयान पर कटाक्ष करते हुए कहा कि एक तरफ बड़े-बड़े वादे किए जा रहे हैं, तो दूसरी तरफ युवाओं का भविष्य अंधकार में धकेला जा रहा है।
वहीं, पूर्व NSUI जिलाध्यक्ष सचिन त्यागी ने पिछले वर्ष का एक उदाहरण देते हुए आरोप लगाया कि भाजपा कार्यकर्ता दिनेश बिवाल के परिवार के पांच सदस्यों का चयन संदिग्ध रहा है, जिसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। कांग्रेस नेता अशोक शर्मा ने भी रोजगार के मुद्दे पर सरकार को विफल बताया।





