drnewsindia.com / अशोकनगर / मध्य प्रदेश में खरीफ सीजन की शुरुआत के साथ ही खाद की किल्लत को लेकर हाहाकार मचना शुरू हो गया है। सोमवार को अशोकनगर जिले में खाद की भारी कमी से नाराज सैकड़ों किसानों ने राजमाता चौराहे पर अपनी ट्रैक्टर-ट्रॉलियां खड़ी करके चक्काजाम कर दिया। भारतीय किसान संघ के नेतृत्व में हुए इस उग्र प्रदर्शन के कारण चौराहे के चारों ओर का आवागमन पूरी तरह ठप हो गया।
हालांकि, स्थिति को भांपते हुए प्रशासन ने पहले ही बैरिकेड्स लगाकर रूट्स को डायवर्ट कर दिया था, जिससे आम राहगीरों को ज्यादा परेशानी नहीं हुई।
🏛️ प्रशासन के आश्वासन के बाद खुला जाम, ‘डबल लॉक’ केंद्र पहुंचे किसान
घंटों चले प्रदर्शन और हंगामे के बाद प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और किसानों को तुरंत खाद उपलब्ध कराने का ठोस आश्वासन दिया। इसके बाद प्रदर्शन खत्म हुआ और किसानों को विदिशा रोड स्थित डबल लॉक केंद्र भेजा गया, जहां खाद वितरण की कागजी कार्रवाई शुरू की गई।

📋 कई काउंटर्स पर मची होड़: देर शाम तक कटे टोकन
डबल लॉक केंद्र पर उमड़ी भारी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने तुरंत कई नए काउंटर शुरू किए।
- मौके पर खाद: भारतीय किसान संघ की मांग थी कि जो किसान दूर-दराज से ट्रैक्टर लेकर आए हैं, उन्हें खाली हाथ न लौटाया जाए। इस पर कई किसानों को मौके पर ही खाद के बोरे सौंपे गए।
- टोकन की बुकिंग: जिन किसानों को तुरंत खाद नहीं मिल सकी, उन्हें आगामी एक से दो दिनों में खाद देने का वादा करते हुए टोकन जारी किए गए।
2,000 टोकन का दावा: भारतीय किसान संघ के जैविक प्रदेश मंत्री जगराम सिंह यादव ने बताया कि प्रशासन के मुताबिक देर शाम तक करीब 2,000 टोकन बुक किए जा चुके हैं। कई किसानों को अगले दिन की तारीख दी गई है।

🌾 ‘जब तक सबको खाद नहीं मिलती, चर्चा जारी रहेगी’
देर शाम तक खाद केंद्र पर भारी संख्या में किसान डटे रहे। किसान नेताओं का कहना है कि टोकन कटना एक अस्थाई व्यवस्था है, असली राहत तब मिलेगी जब हर किसान के खेत तक खाद पहुंच जाएगी। फिलहाल किसान संघ और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच लगातार बातचीत का दौर जारी है ताकि व्यवस्था को सुचारू रखा जा सके।
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