चतुर्थ स्थापना दिवस एवं दीक्षारम्भ समारोह में युवा शक्ति, नवाचार और राष्ट्रभाव से भारत को विश्व नेतृत्व की ओर ले जाने का आह्वान
drnewsindia.com /दोराहा। आर्यावर्त विश्वविद्यालय, सीहोर में चतुर्थ स्थापना दिवस एवं दीक्षारम्भ समारोह उत्साह और गरिमापूर्ण माहौल में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री और रोजगार तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि विद्यार्थियों को जिम्मेदार नागरिक बनाना भी है। शिक्षा के साथ संस्कार, अनुशासन, कौशल और सामाजिक दायित्व की भावना विकसित करना आवश्यक है।

कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती के पूजन एवं वंदना से हुई। कुलाधिपति डॉ. बृजेन्द्र सिंह गौतम ने स्वागत भाषण में विश्वविद्यालय की स्थापना के उद्देश्य और शैक्षणिक गतिविधियों की जानकारी दी।
युवाओं की भूमिका महत्वपूर्ण
मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि शिक्षा और स्वास्थ्य समाज की मूल आवश्यकताएं हैं। इनके विकास में सरकार के साथ समाज और निजी शिक्षण संस्थानों की भी महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने युवाओं से ज्ञान, कौशल और नवाचार के माध्यम से देश के विकास में योगदान देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा व्यवस्था को देश की संस्कृति, अखंडता और सामाजिक आवश्यकताओं से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है।
उन्होंने आर्यावर्त विश्वविद्यालय में शिक्षा, नवाचार और अनुसंधान के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय की पहचान केवल उसके भवनों से नहीं, बल्कि वहां से निकलने वाले विद्यार्थियों के ज्ञान, संस्कार और आचरण से होती है।

राष्ट्र और समाज के प्रति जिम्मेदारी का संदेश
विशिष्ट अतिथि तपन भौमिक ने कहा कि व्यक्ति का जीवन सीमित है, लेकिन राष्ट्र का गौरव और पहचान स्थायी होती है। उन्होंने नालंदा और तक्षशिला का उल्लेख करते हुए भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा को आधुनिक शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार से जोड़ने की आवश्यकता बताई। उन्होंने विद्यार्थियों से राष्ट्र, समाज और स्वयं के प्रति जिम्मेदारी को समझने का आह्वान किया।
ध्यान विज्ञान के संस्थापक राम मनोहर सेंगर ने कहा कि शिक्षा केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित नहीं होनी चाहिए। विद्यार्थियों के मानसिक, शारीरिक और आंतरिक विकास पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए। उन्होंने युवाओं को चुनौतियों का सामना करने और नए अनुभवों से आत्मविश्वास बढ़ाने का संदेश दिया।
प्रगति प्रतिवेदन में उपलब्धियां बताईं

विश्वविद्यालय का प्रगति प्रतिवेदन प्रति-कुलगुरु डॉ. गिरीश त्रिपाठी ने प्रस्तुत किया। उन्होंने शैक्षणिक गुणवत्ता, अनुसंधान, नवाचार, कौशल विकास, डिजिटल शिक्षा, प्रशिक्षण, रोजगार और विद्यार्थी कल्याण के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय ग्रामीण और अर्धशहरी क्षेत्र के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण, संस्कारयुक्त और रोजगारोन्मुखी उच्च शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए प्रयासरत है।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां

समारोह में हनुमान अंश फिल्म के अभिनेता सात्विक शर्मा ने भजन की प्रस्तुति दी। पार्वती सांग्स और भोपाल के गायक सुनील शुक्रवारे की प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम में उत्साह बढ़ाया। नृत्य, गायन और नाटक की प्रस्तुतियों पर सभागार तालियों से गूंज उठा।
प्रधानमंत्री के जन्मदिन पर किया पौधरोपण

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के उपलक्ष्य में मंत्री विश्वास सारंग ने विश्वविद्यालय परिसर में पौधरोपण किया। विद्यार्थियों को पौधों की नियमित देखभाल और पर्यावरण संरक्षण का संकल्प दिलाया गया।

कार्यक्रम के अंत में कुलगुरु प्रो. डॉ. दीपक राज तिवारी ने अतिथियों, शिक्षकों, विद्यार्थियों, अभिभावकों, प्रशासन, मीडिया प्रतिनिधियों और आयोजन में सहयोग करने वाले सभी लोगों का आभार व्यक्त किया। मंच संचालन अफशा अली ने किया। समारोह में वरिष्ठ संपादक अंशुमान खरे, भूगोल प्राध्यापक विजय सिंह, नगर पालिका सीहोर अध्यक्ष प्रिंश राठौर, कुलसचिव डॉ. अनुज सिंघई सहित शिक्षक, विद्यार्थी, अभिभावक और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।




