आस्था की कठिन परीक्षा: हरिद्वार से कांवड़ लेकर अलीगढ़ पहुंचा शिवभक्त, ‘कांटों की शैय्या’ पर लेटकर पूरी कर रहा दंडौती यात्रा

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drnewsindia.com / अलीगढ़ (उत्तर प्रदेश)

सावन के पवित्र महीने में कांवड़ यात्रा के दौरान जगह-जगह से शिवभक्ति के अद्भुत और अलौकिक रंग देखने को मिल रहे हैं। आस्था और भक्ति का एक ऐसा ही अनोखा उदाहरण अलीगढ़ में देखने को मिला, जहाँ हरिद्वार से गंगाजल लेकर आया एक कांवड़िया बेहद कठिन और जोखिम भरी दंडौती कांवड़ यात्रा कर रहा है।

🔱 कीलों की शैय्या पर लेटकर बढ़ रहे आगे

इस कांवड़ यात्रा का दृश्य देखकर हर कोई आश्चर्यचकित है। कांवड़िया जिस निष्ठा और भक्ति भाव से यात्रा कर रहा है, वह देखने योग्य है:

  • विशेष प्लेटफॉर्म पर कांवड़: पवित्र गंगाजल की कांवड़ को चार पहियों वाले एक विशेष प्लेटफॉर्म (ट्रॉली) पर रखा गया है।
  • कीलों वाली शैय्या: इस प्लेटफॉर्म से जुड़ा एक दूसरा प्लेटफॉर्म तैयार किया गया है, जिस पर बड़ी संख्या में नुकीली कीलें लगी हुई हैं।
  • कठिन साधना: शिवभक्त इसी कीलों वाली शैय्या पर लेटकर (दंडवती प्रणाम करते हुए) अपनी यात्रा को निरंतर आगे बढ़ा रहा है।

📜 महाभारत के ‘भीष्म पितामह’ की दिला रहा याद

सड़क से गुजरते इस दृश्य को देखकर लोगों को महाभारत के पितामह भीष्म की शर-शय्या (तीरों की शैया) की याद आ रही है।

जैसे-जैसे कांवड़ का प्लेटफॉर्म आगे बढ़ता है, उसी के साथ कीलों की शैय्या पर लेटा यह शिवभक्त भी आगे खिसकता जाता है। भक्त की इस कठिन साधना और अटूट आस्था को देखकर रास्ते में खड़े लोग नतमस्तक हो रहे हैं और पूरा माहौल ‘हर-हर महादेव’ और ‘बम-बम भोले’ के जयकारों से गूंज उठ रहा है।

विशेष: इस अनोखी दंडौती यात्रा की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिसे देखकर लोग कांवड़िये की भक्ति और सहनशक्ति की भूरी-भूरी प्रशंसा कर रहे हैं।

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