आस्था पर रसूख भारी! सलकनपुर मंदिर के परिक्रमा मार्ग पर दौड़ी लग्जरी कार; नंगे पैर चलते भक्तों के बीच VIP कल्चर पर मचा बवाल

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drnewsindia.com

सीहोर। मध्य प्रदेश के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल श्री विंध्यवासिनी बीजासन देवी धाम (सलकनपुर) से एक ऐसा वीडियो सामने आया है, जिसने मंदिर प्रशासन की व्यवस्थाओं और वहां हावी ‘वीआईपी कल्चर’ (VIP Culture) पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें आम श्रद्धालु जहाँ भीषण गर्मी में नंगे पैर परिक्रमा कर रहे हैं, वहीं कुछ रसूखदार लोग अपनी लग्जरी कार से परिक्रमा मार्ग पर घूमते नजर आ रहे हैं।

आम भक्तों के लिए कड़े नियम, रसूखदारों को ‘स्पेशल छूट’

सलकनपुर देवी धाम में आम श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए मंदिर परिसर में कई कड़े नियम लागू किए गए हैं। इसके बावजूद प्रभावशाली लोगों की गाड़ियों को सीधे मां के पवित्र परिक्रमा मार्ग तक जाने की इजाजत दे दी गई।

पवित्र मार्ग पर गाड़ी दौड़ने की इस घटना से दूर-दूर से आए श्रद्धालुओं की आस्था को गहरा धक्का लगा है। स्थानीय लोगों और भक्तों में इस बात को लेकर भारी आक्रोश है कि जब आम जनता पत्थरों पर नंगे पैर चलकर मन्नतें मांग रही है, तब रसूखदारों को यह विशेष छूट क्यों दी जा रही है? अब लोग सरकार और जिला प्रशासन से इस मामले में तत्काल कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

मंदिर ट्रस्ट की संवेदनहीनता उजागर, पहले भी आ चुके हैं ऐसे मामले

सलकनपुर देवी धाम के परिक्रमा मार्ग पर वाहन ले जाने की यह कोई पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी इस तरह के मामले सामने आ चुके हैं, जिन्हें मीडिया ने प्रमुखता से उठाया था। बार-बार आपत्ति दर्ज कराए जाने के बावजूद व्यवस्था में कोई सुधार नहीं किया गया है। बार-बार हो रही इन घटनाओं ने मंदिर ट्रस्ट की संवेदनहीनता को पूरी तरह उजागर कर दिया है।

पुलिस का पल्ला झाड़ा, SDOP बोले— ‘अनुमति मंदिर समिति देती है, हमारा कोई रोल नहीं’

इस पूरे विवाद और वायरल वीडियो पर अब पुलिस प्रशासन का बयान भी सामने आ गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीओपी (SDOP) रवि शर्मा ने स्पष्ट तौर पर पुलिस का पल्ला झाड़ लिया है।

एसडीओपी रवि शर्मा का बयान: “मुझे वायरल वीडियो के सटीक समय की जानकारी नहीं है। परिक्रमा मार्ग पर किसी भी वाहन को ले जाने की अनुमति मंदिर समिति द्वारा दी जाती है। इस तरह की अनुमति देने में पुलिस की कोई भूमिका नहीं होती है।”

मंदिर समिति के पाले में आई गेंद

एसडीओपी के इस बयान के बाद अब पूरी जिम्मेदारी मंदिर समिति की कार्यप्रणाली पर आ गई है। सवाल उठ रहे हैं कि आखिर किस आधार पर और किन नियमों के तहत इन रसूखदारों को पवित्र परिक्रमा मार्ग पर लग्जरी कार ले जाने की अनुमति दी गई?

इस घटना के बाद से ही सोशल मीडिया पर मंदिर प्रबंधन के खिलाफ लोगों का गुस्सा फूट रहा है और वीआईपी कल्चर को तुरंत बंद करने की मांग की जा रही है।

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