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इंदौर: शिशुकुंज इंटरनेशनल स्कूल में मिड-डे लंच के बाद 150 से अधिक बच्चों की तबीयत बिगड़ने के मामले में अब स्कूल प्रबंधन और स्वास्थ्य विभाग दोनों पूरी तरह अलर्ट मोड पर हैं। घटना के बाद मंगलवार को स्कूल में बच्चों की उपस्थिति आम दिनों से कम दर्ज की गई, वहीं जो बच्चे स्कूल पहुंचे, वे अपने घर से ही टिफिन लेकर आए थे।
प्रशासन द्वारा स्कूल के किचन को सील किए जाने के बाद, प्रबंधन ने अभिभावकों को ई-मेल भेजकर फिलहाल बच्चों को घर से ही भोजन भेजने का आग्रह किया है।
🩺 डॉक्टरों की टीम पहुंची घर-घर, ली बच्चों की सुध
मामले की गंभीरता को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग बीमार बच्चों की लगातार मॉनिटरिंग कर रहा है:
- होम विजिट: डॉक्टरों की एक विशेष टीम मंगलवार को करीब 30 प्रभावित बच्चों के घर पहुंची।
- स्वास्थ्य परीक्षण: डॉक्टरों ने बच्चों की वर्तमान स्थिति जांची और परिजनों से उनकी सेहत का फीडबैक लिया।
- अगला कदम: स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, बुधवार को भी अन्य प्रभावित बच्चों के घरों का दौरा कर उनका हेल्थ चेकअप किया जाएगा।
राहत की खबर: मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. माधव हसानी ने पुष्टि की है कि फिलहाल कोई भी बच्चा अस्पताल में एडमिट नहीं है और सभी की स्थिति अब सामान्य है।

🚨 क्या हुआ था शनिवार को?
शनिवार को स्कूल में लंच करने के बाद अचानक बच्चों की तबीयत बिगड़ने लगी थी।
- प्रमुख लक्षण: बच्चों को पेट दर्द, उल्टी, घबराहट, कमजोरी और डिहाइड्रेशन की शिकायत हुई।
- जांच में खुलासा: शुरुआती जांच के दौरान कई बच्चों में गैस्ट्रोएंटेराइटिस (Gastroenteritis) के लक्षण पाए गए।
- प्रभावित छात्र: बीमार होने वाले बच्चों में अधिकांश चौथी कक्षा तक के छोटे विद्यार्थी शामिल हैं। अस्वस्थ महसूस होने पर 85 विद्यार्थियों को एहतियातन स्कूल से घर भेजा गया था।
❌ एक्सपायर्ड मसाले और नमकीन; किचन सील, 23 सैंपल लैब भेजे
सोमवार को जिला प्रशासन और खाद्य सुरक्षा विभाग की संयुक्त टीम ने स्कूल परिसर में 4 घंटे से अधिक समय तक सघन जांच की, जिसमें चौंकाने वाले खुलासे हुए:
| कार्रवाई | जांच के दौरान मिले तथ्य |
| किचन सील | स्कूल के किचन में एक्सपायरी डेट निकल चुके मसाले और नमकीन सहित अन्य अमानक खाद्य सामग्री मिली, जिसके बाद किचन को तुरंत सील कर दिया गया। |
| सैंपलिंग | जांच दल ने पनीर, दूध, आइसक्रीम, दाल, तैयार भोजन, मसाले और पानी समेत 23 खाद्य पदार्थों के नमूने एकत्र किए हैं। |

लैब रिपोर्ट का इंतजार: अब सभी की निगाहें फूड टेस्टिंग लैब की रिपोर्ट पर टिकी हैं। रिपोर्ट आने के बाद ही यह पूरी तरह साफ हो पाएगा कि फूड पॉइजनिंग की असली वजह क्या थी।




