इंदौर पुलिस का बड़ा फर्जीवाड़ा: जिस सिपाही को बताया था ड्रग्स माफिया, लैब जांच में वह निकला ‘यूरिया’; 2 IPS समेत 19 पर साजिश का आरोप

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drnewsindia.com/इंदौर

इंदौर पुलिस विभाग में एक ऐसा चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने पूरे महकमे की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। करीब 16 महीने पहले जिस पुलिसकर्मी को विभाग ने ‘ड्रग्स माफिया’ बताकर गिरफ्तार किया और नौकरी से बर्खास्त कर दिया, वह अदालत से पूरी तरह बेगुनाह साबित हुआ है।

जिस पदार्थ को पुलिस करोड़ों रुपये की ‘एमडी ड्रग्स’ (MD Drugs) बता रही थी, वह लैब की जांच में महज यूरिया निकला। अब इस मामले में पीड़ित बर्खास्त सिपाही लखन गुप्ता ने 2 IPS अधिकारियों समेत 19 पुलिसकर्मियों के खिलाफ कोर्ट में परिवाद दायर कर साजिश रचने के गंभीर आरोप लगाए हैं।

16 महीने पहले क्या था पूरा मामला?

  • गिरफ्तारी और दावा: 26 फरवरी 2025 को पुलिस (SI रवि बट्टी, मनोज दुबे और अन्य जवानों) ने रालामंडल क्षेत्र से विजय पाटीदार और शाहनवाज शेख नाम के दो संदिग्धों को पकड़ा था।
  • करोड़ों की ड्रग्स का दावा: पुलिस ने दावा किया था कि इनके पास से करोड़ों रुपये मूल्य की 198 ग्राम एमडी ड्रग्स बरामद हुई है।
  • सिपाही को फंसाया: पूछताछ के दौरान आरोपियों के बयानों के आधार पर पुलिसकर्मी लखन गुप्ता को इस मामले में घसीटा गया, उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेजा गया और बाद में सेवा से बर्खास्त कर दिया गया।

दो बड़ी लैब्स की रिपोर्ट ने खोली पोल: ड्रग्स नहीं, ‘यूरिया’ था वो!

पुलिस की इस बड़ी ‘कार्रवाई’ की हवा तब उड़ गई जब जब्त किए गए सैंपल को जांच के लिए भेजा गया:

  1. भोपाल लैब की रिपोर्ट (27 जून 2025): कोर्ट के निर्देश पर पहला सैंपल भोपाल भेजा गया। रिपोर्ट में साफ हुआ कि जब्त पदार्थ कोई नारकोटिक्स ड्रग्स नहीं, बल्कि सामान्य यूरिया है।
  2. हैदराबाद सेंट्रल लैब की रिपोर्ट (19 दिसंबर 2025): भोपाल की रिपोर्ट को चुनौती देते हुए पुलिस ने हैदराबाद की सेंट्रल लैब से दोबारा जांच कराई। लेकिन वहां से आई दूसरी रिपोर्ट ने भी पुष्टि कर दी कि वह पदार्थ सिर्फ यूरिया ही था।

कोर्ट का फैसला: दोनों लैब्स की रिपोर्ट के आधार पर विशेष अदालत ने बर्खास्त पुलिसकर्मी लखन गुप्ता और अन्य दोनों आरोपियों (विजय व शाहनवाज) को पूरी तरह बरी कर दिया।

“मुखबिर से जानबूझकर कहलवाया मेरा नाम” – लखन गुप्ता

न्याय मिलने के बाद अब पीड़ित लखन गुप्ता ने इंदौर की विशेष अदालत में न्याय की गुहार लगाई है। उन्होंने आरोप लगाया है कि:

  • इस पूरी साजिश में विभाग के आला अफसरों की मुख्य भूमिका थी।
  • ज़ोन में तैनात दो जवानों ने एक मुखबिर के ज़रिये जानबूझकर आरोपियों से उनका नाम लिवाया था।
  • उन्हें जबरन आज़ाद नगर से तेजाजी नगर थाना लाया गया और बिना पुख्ता सबूतों के जेल भेज दिया गया।

इन धाराओं के तहत कार्रवाई की मांग

लखन गुप्ता के वकील नितिन पाराशर के मुताबिक, दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कानून की विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत कार्रवाई की मांग की गई है:

  • मुख्य धाराएं: धारा 61(2), 198, 199, 201, 212, 217, 227, 228, 229, 231, 233 और 58-59।

आज कोर्ट में अहम सुनवाई

इस पूरे मामले और साजिश को लेकर इंदौर जिला कोर्ट की विशेष अदालत में आज सुनवाई होनी है। उम्मीद जताई जा रही है कि कोर्ट इस मामले में संज्ञान लेते हुए दोषी पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ जांच या FIR दर्ज करने के आदेश दे सकता है।

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