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इंदौर ब्यूरो डेस्क (21 जुलाई 2026): मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर स्थित भंवरकुआं क्षेत्र का टंट्या भील चौराहा (भंवरकुआं चौराहा) लगातार 22वें दिन छात्रों के भारी जनाक्रोश और बुलंद नारों का केंद्र बना हुआ है। नीट (NEET) पेपर लीक के दोषियों पर कड़ी कार्रवाई और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर 30 जून से शुरू हुआ यह अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन अब और अधिक उग्र और विशाल रूप लेता जा रहा है।
मंगलवार को झमाझम बारिश के बावजूद सैकड़ों की संख्या में छात्र-छात्राएं हाथों में तख्तियां लेकर सड़क पर डटे रहे। राष्ट्रभक्ति के गीतों और बुलंद नारों से पूरा कोचिंग हब इलाका गुंजायमान हो उठा।
📌 इंदौर छात्र आंदोलन: मुख्य बिंदु (Key Highlights)
- 🗓️ 22 दिनों से अनवरत धरना: 30 जून से टंट्या भील चौराहे पर अनिश्चितकालीन सत्याग्रह पर बैठे हैं प्रतियोगी छात्र।
- 🌧️ बारिश में भी बुलंद हौसले: तेज बारिश के बावजूद भी धरने से नहीं हिले युवा; हाथों में तख्तियां लेकर की नारेबाजी।
- 🎵 देशभक्ति गीतों से भरा जोश: अखिलेश राणा, रोहित वास्कले, दुर्गा माणसाने, भारत चौहान व राधिका ने प्रस्तुत किए क्रांतिगीत।
- 🚶♂️ पैदल मार्च का असर: पिछले दिनों कलेक्टर कार्यालय तक निकाले गए मार्च के बाद प्रशासन को झुकना पड़ा था, पर मुख्य मांगें अब भी बाकी।

📣 ‘लोकतंत्र की रक्षा और न्याय की लड़ाई’: 22वें दिन लगातार बढ़ी छात्रों की संख्या
दिनभर अनशन पर बैठे छात्र नेता प्रहलाद पाण्डेय ने उपस्थित युवाओं और आम जनता को संबोधित करते हुए कहा:
“यह आंदोलन केवल एक परीक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हमारे देश के लोकतंत्र की रक्षा और युवाओं के भविष्य को पुनर्स्थापित करने का एक ऐतिहासिक संग्राम है। आज आंदोलन के 22वें दिन जैसे-जैसे समय बीत रहा है, प्रदेश भर के छात्रों का समर्थन हमें मिल रहा है और टंट्या भील चौराहे पर छात्रों का हुजूम लगातार बढ़ता जा रहा है।”
🪧 हाथों में तख्तियां, जुबां पर इंकलाब: राहगीर भी रुककर दे रहे समर्थन
कोचिंग हब होने के कारण चौराहे से गुजरने वाले आम नागरिक और राहगीर भी युवाओं के इस अनुशासित लेकिन आक्रामक प्रदर्शन को देखने के लिए रुक रहे हैं:
- शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग: युवाओं के समूह हाथों में “धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो”, “पेपर लीक सिंडिकेट को खत्म करो” और “छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ बंद करो” की तख्तियां थामे हुए हैं।
- सांस्कृतिक और वैचारिक हुंकार: अखिलेश राणा, रोहित वास्कले, दुर्गा माणसाने, भारत चौहान और राधिका सहित अन्य छात्र नेताओं ने राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत जोशीले गीतों के माध्यम से आंदोलनकारियों में उत्साह का संचार किया।

🏛️ कलेक्टर दफ्तर के 4 घंटे के घेराव के बाद भी अधूरी हैं मुख्य मांगें
प्रदर्शनकारी छात्रों ने याद दिलाया कि इससे पहले उन्होंने टंट्या भील चौराहे से कलेक्टर कार्यालय तक विशाल पैदल मार्च निकाला था और कलेक्ट्रेट का करीब 4 घंटे तक घेराव किया था:
आंदोलन रहेगा जारी: उस प्रदर्शन के दबाव में जिला प्रशासन ने कुछ स्थानीय मांगों पर सहमति जरूर जताई थी, लेकिन राष्ट्रीय स्तर पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री का इस्तीफा और एनटीए (NTA) के पुनर्गठन जैसी मुख्य मांगों को लेकर जब तक केंद्र सरकार कोई ठोस कदम नहीं उठाती, टंट्या भील चौराहे पर यह धरना प्रदर्शन अनवरत जारी रहेगा।




