ऋषिकेश रेल हादसा: लोको पायलट सहित 8 कर्मचारियों पर चार्जशीट, देहरादून हादसे के शंटिंग मास्टर की रुकी सैलरी ग्रोथ

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drnewsindai.com

ऋषिकेश / देहरादून: रेलवे विभाग ने ट्रेनों के संचालन में लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों के खिलाफ सख्त एक्शन लेना शुरू कर दिया है। ऋषिकेश में पिछले महीने हुए उज्जैनी एक्सप्रेस हादसे और देहरादून में पिछले साल हुए नंदा देवी एक्सप्रेस हादसे की जांच रिपोर्ट आने के बाद जिम्मेदार रेलकर्मियों पर बड़ी कार्रवाई की गई है।

1. ऋषिकेश हादसा: लोको पायलट को हटाया, 8 कर्मचारियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल

ऋषिकेश के खांड गांव के पास 18 मई को हुए उज्जैनी एक्सप्रेस हादसे में रेलवे ने बड़ी कार्रवाई की है। इस मामले में ऑपरेटिंग, सीएनडब्ल्यू (C&W) और लोको अनुभाग के आठ कर्मचारियों को आरोपी बनाते हुए उनके खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई है।

  • लोको पायलट पर गिरी गाज: शुरुआती जांच के आधार पर मुख्य लोको पायलट को पद से हटाकर उत्तर प्रदेश के चंदौसी (प्रशिक्षण केंद्र) भेज दिया गया है।
  • बचाव के लिए मिला 1 महीना: चार्जशीट का सामना कर रहे सभी आरोपी कर्मचारियों को अपना पक्ष रखने और बयान दर्ज कराने के लिए एक महीने का समय दिया गया है। इस महीने के अंत तक शेष अन्य कर्मचारियों पर भी बड़ी गाज गिर सकती है।

कैसे हुआ था ऋषिकेश हादसा?

हादसे के वक्त उज्जैनी एक्सप्रेस पूरी तरह खाली थी और उसे शंटिंग (यार्ड में खड़ा करने) के लिए ट्रैक पर लगाया गया था। जांच में खुलासा हुआ है कि लोको पायलट की गैरमौजूदगी में ट्रेन की चेन और चक्के के नीचे लगे गुटके (स्टॉपर) हटा दिए गए थे, जिससे ट्रेन लुढ़क गई। इस हादसे में इंजन और तीन कोच पटरी से उतरकर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए थे।

2. देहरादून हादसा: शंटिंग मास्टर की लापरवाही पड़ी भारी, एक साल के लिए रुकी सैलरी बढ़ोतरी

रेलवे ने एक और पुरानी लापरवाही के मामले में जांच पूरी कर बड़ा फैसला सुनाया है। फरवरी 2023 में देहरादून टर्मिनल पर नंदा देवी एक्सप्रेस के चार पहिए पटरी से उतर गए थे। इस मामले में दोषी पाए गए शंटिंग मास्टर पर कार्रवाई की गई है।

  • क्या हुई कार्रवाई: रेलवे ने शंटिंग मास्टर की एक वर्ष तक के लिए वेतन बढ़ोतरी (Increment) रोक दी है
  • क्या था आरोप: जांच में सामने आया कि शंटिंग प्रक्रिया के दौरान शंटिंग मास्टर ने लोको पायलट को ट्रैक और दूरी की सही जानकारी नहीं दी। इस गलत सिग्नल/कम्युनिकेशन की वजह से लोको पायलट समय पर ब्रेक नहीं लगा पाया और ट्रेन पीछे बनी दीवार से जा टकराई थी।

संपादकीय टिप्पणी (Our Take):

भारतीय रेलवे में सफर करने वाले लाखों यात्रियों की सुरक्षा सीधे तौर पर इन तकनीकी कर्मचारियों के हाथों में होती है। ऋषिकेश और देहरादून के ये दोनों ही मामले बताते हैं कि शंटिंग जैसे रूटीन काम में भी जरा सी चूक कितनी भारी पड़ सकती है। रेलवे द्वारा की गई यह सख्त कार्रवाई अन्य कर्मचारियों के लिए एक कड़ा संदेश है कि ड्यूटी में लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

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