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नई दिल्ली। केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने आज अरुणाचल प्रदेश स्थित ग्लो झील (Glaw Lake) को भारत का 101वां रामसर स्थल (Ramsar Site) घोषित किया। यह अरुणाचल प्रदेश के लिए एक ऐतिहासिक मील का पत्थर है, क्योंकि राज्य को अपनी पहली रामसर साइट मिली है।
🏔️ जैव विविधता का अनूठा केंद्र: ग्लो झील
पर्यावरण मंत्री के अनुसार, पूर्वी हिमालय की गोद में बसी यह प्राकृतिक मीठे पानी की झील अपनी समृद्ध जैव विविधता के लिए जानी जाती है:
- विशेष स्थान: यह झील कामलांग टाइगर रिजर्व और वन्यजीव अभयारण्य (Kamlang Tiger Reserve) के भीतर स्थित है।
- वनस्पति की विविधता: झील और इसके आसपास के जलग्रहण क्षेत्र में 150 से अधिक पेड़ों की प्रजातियाँ और 49 प्रकार के ऑर्किड पाए जाते हैं।
- पारिस्थितिकी महत्व: यह दर्जा जैव विविधता संरक्षण, जल एवं जलवायु सुरक्षा और स्थानीय आजीविका को बढ़ावा देने में एक महत्वपूर्ण कदम है।

🇮🇳 आर्द्रभूमि संरक्षण में वैश्विक लीडर बना भारत
भूपेंद्र यादव ने रेखांकित किया कि भारत आज वेटलैंड (नमी युक्त भूमि) संरक्षण में दुनिया का नेतृत्व कर रहा है:
- 2014 से 2026 तक का सफर: साल 2014 में भारत में केवल 26 रामसर साइट्स थीं, जो आज बढ़कर 101 हो गई हैं।
- सरकार की प्रतिबद्धता: यह प्रगति पर्यावरण संरक्षण, जैव विविधता के जतन और सतत विकास (Sustainable Development) के प्रति सरकार के दृढ़ संकल्प को दर्शाती है।
💬 केंद्रीय मंत्री का संदेश:
“प्रत्येक नया रामसर स्थल प्रकृति की रक्षा के हमारे संकल्प को मजबूत करता है और उन समुदायों के भविष्य को सुरक्षित करता है जो इन बहुमूल्य पारिस्थितिकी प्रणालियों पर निर्भर हैं।”




