ओडिशा में ‘राजा संक्रांति’ की धूम: धरती मां और नारीत्व के उत्सव में डूबा पूरा राज्य, सज गए पारंपरिक झूले

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भुवनेश्वर। ओडिशा के पारंपरिक और बेहद लोकप्रिय तीन दिवसीय ‘राजा उत्सव’ (Raja Festival) के दूसरे दिन आज पूरे राज्य में ‘राजा संक्रांति’ का त्योहार बेहद उत्साह, उमंग और श्रद्धा के साथ मनाया जा रहा है। नारीत्व और धरती मां को समर्पित इस पावन पर्व ने ग्रामीण से लेकर शहरी इलाकों तक, पूरे ओडिशा को सांस्कृतिक उत्सव के अनूठे रंग में सराबोर कर दिया है।

हर तरफ उत्सव का माहौल, गूंज रहे पारंपरिक गीत

राजा संक्रांति के इस शुभ अवसर पर पूरे राज्य में एक अलग ही उल्लास देखने को मिल रहा है। घर, गांव और सार्वजनिक पार्क खुशियों और लोकगीतों से गूंज रहे हैं। हर उम्र के लोग, विशेषकर महिलाएं और बच्चे, नए कपड़े पहनकर, पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद लेकर और विभिन्न सांस्कृतिक गतिविधियों में बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं।

मुख्य आकर्षण: पारंपरिक झूले और स्वादिष्ट ‘पोडा पीठा’

उत्सव के दौरान पूरे राज्य में कई विशेष परंपराएं देखने को मिल रही हैं:

  • पारंपरिक झूले (Traditional Swings): पेड़ों और पार्कों में सजे पारंपरिक झूले इस उत्सव का सबसे बड़ा आकर्षण बने हुए हैं, जो ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में भारी भीड़ को आकर्षित कर रहे हैं।
  • पारंपरिक पकवानों का स्वाद: इस त्योहार पर विशेष राजा व्यंजन जैसे पोडा पीठा (Poda Pitha), अरीसा पीठा, मंडा और काकेरा बनाए जा रहे हैं। इसके साथ ही, इस उत्सव का अभिन्न हिस्सा माना जाने वाला पारंपरिक ‘राजा पान’ भी लोगों के बीच खासा लोकप्रिय है।

कृषि कार्य बंद, प्रकृति और धरती मां को विश्राम

धार्मिक और सांस्कृतिक मान्यताओं के अनुसार, ‘राजा उत्सव’ ओडिशा की समृद्ध कृषि विरासत और प्रकृति के साथ उसके गहरे जुड़ाव को दर्शाता है:

  • गहरी सांस्कृतिक मान्यता: यह माना जाता है कि इस अवधि के दौरान धरती मां अपने वार्षिक मासिक धर्म (Annual Menstrual Cycle) से गुजरती हैं, इसलिए उन्हें आराम और कायाकल्प (Rejuvenation) का समय दिया जाता है।
  • रुकीं कृषि गतिविधियां: प्रकृति और धरती मां के प्रति सम्मान प्रकट करने के लिए इस दौरान पूरे राज्य में खेती-किसानी से जुड़े सभी काम पूरी तरह से बंद रखे जाते हैं।

इस अवसर पर विभिन्न सांस्कृतिक और सामाजिक संगठनों द्वारा भी विशेष कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है, जिससे त्योहार की रौनक दोगुनी हो गई है।

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