भोपाल। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शनिवार को भोपाल स्थित सेज यूनिवर्सिटी में आयोजित ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (RSETI) के कार्यक्रम में शिरकत की। इस दौरान उन्होंने ब्यूटीशियन और सिलाई का प्रशिक्षण पूरा कर चुकी 230 महिलाओं को प्रमाण पत्र वितरित किए और स्वरोजगार शुरू करने के लिए 80 महिलाओं के स्वीकृत ऋण पत्र भी सौंपे।
प्रशिक्षण से सीधे रोजगार की गारंटी
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि यह केवल एक प्रशिक्षण कार्यक्रम नहीं, बल्कि बहनों-बेटियों को सीधे आजीविका से जोड़ने का एक महाअभियान है। विदिशा संसदीय क्षेत्र (विदिशा, सीहोर, देवास और रायसेन) की महिलाओं के लिए यह पहला बैच था।
“जब तक जिएंगे, लोगों की जिंदगी बदलने के लिए जिएंगे। कोई बेटी मजबूर न हो, हर बेटी आत्मविश्वास और सम्मान के साथ जिए—यही हमारा संकल्प है।”
— शिवराज सिंह चौहान, केंद्रीय कृषि मंत्री
- दूसरा बैच जल्द: उन्होंने घोषणा की कि RSETI के अगले समूह का प्रशिक्षण 27 अक्टूबर से प्रारंभ किया जाएगा।

कार्यक्रम की मुख्य घोषणाएं और पहल
1. 86 हजार बेटियों के सुकन्या समृद्धि खातों में पहली किस्त
- संसदीय क्षेत्र में लगभग 86 हजार बेटियों को सुकन्या समृद्धि योजना से जोड़ने का लक्ष्य तय किया गया है (प्रति विधानसभा क्षेत्र लगभग 10 हजार बेटियां)।
- परिवारों को योजना से जोड़ने की शुरुआत के लिए विभिन्न सहयोगों से ₹1,000 की पहली किस्त खातों में जमा कराई जाएगी।
2. ‘समृद्ध गांव अभियान’ की शुरुआत
- ग्रामीण क्षेत्रों के हर गरीब परिवार को किसी न किसी आजीविका गतिविधि से जोड़ने के लिए समृद्ध गांव अभियान की योजना तैयार की जा रही है।

3. मंडीदीप में बनेगा स्किल डेवलपमेंट सेंटर
- औद्योगिक क्षेत्र मंडीदीप की आवश्यकताओं के अनुसार स्थानीय युवाओं को हुनरमंद बनाने के लिए स्किल सेंटर खोलने की पहल की जाएगी।
4. किसानों को आधुनिक खेती का प्रशिक्षण
- किसानों के समूहों को दूसरे राज्यों में उन्नत कृषि पद्धतियां सीखने के लिए भेजा जाएगा।
- मास्टर ट्रेनर्स तैयार कर 1-1 एकड़ के खेतों में डेमोंस्ट्रेशन आधारित खेती कराई जाएगी ताकि उत्पादन और किसानों की आय बढ़ सके।
समाचार स्रोत: जिला मीडिया प्रभारी, भारतीय जनता पार्टी, सीहोर।




