गुना: परीक्षा देकर लौट रहे भाई-बहन की मौत का मामला, न्याय के लिए SP दफ्तर पहुंचे बिलखते परिजन

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गुना/आरोन: कॉलेज से परीक्षा देकर लौट रहे सगे भाई-बहन की सड़क हादसे में हुई दर्दनाक मौत के मामले में अब पीड़ित परिवार का आक्रोश सामने आने लगा है। घटना के कई दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस के हाथ खाली हैं। सोमवार को मृतक भाई-बहन के रोते-बिलखते परिजन गुना पुलिस अधीक्षक (SP) कार्यालय पहुंचे और आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा।


🔴 मुख्य बिंदु: क्या है पूरा मामला?

  • अज्ञात वाहन ने मारी थी टक्कर: ग्राम महुआ खेड़ा निवासी शिवानी कोरी और उसका छोटा भाई विपिन कोरी बीते दिनों आरोन कॉलेज से परीक्षा देकर बाइक से घर लौट रहे थे।
  • मौके पर ही टूटी सांसें: सिरसी-ढिमरयाई रोड पर एक तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। हादसा इतना भीषण था कि दोनों भाई-बहन की मौके पर ही मौत हो गई।
  • गांव में पसरा मातम: एक साथ घर के दो जवान बच्चों की अर्थी उठने से पूरे महुआ खेड़ा गांव में मातम छा गया था।

🚨 “थाने में नहीं हुई सुनवाई, इसलिए आना पड़ा SP के पास”

परिजनों का गंभीर आरोप है कि हादसे के कई दिन बीत जाने के बाद भी स्थानीय पुलिस न तो टक्कर मारने वाले वाहन की पहचान कर पाई है और न ही किसी आरोपी को पकड़ सकी है।

पीड़ित परिवार ने बताया:

“आरोन थाना स्तर पर हमारी कोई सुनवाई नहीं हो रही थी। पुलिस मामले को गंभीरता से नहीं ले रही है, जिसके कारण हमें मजबूरन एसपी कार्यालय के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। घर के दो चिराग बुझ गए और हम न्याय के लिए भटक रहे हैं।”

SP ने दिया 20 दिन का आश्वासन:

सोमवार को एसपी कार्यालय में मुलाकात के दौरान पुलिस अधीक्षक ने पीड़ित परिवार को सांत्वना दी। एसपी ने परिजनों को भरोसा दिलाया है कि अगले 20 दिनों के भीतर मामले की पूरी निष्पक्ष जांच कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


🔍 एक वाहन चालक पर गहराया शक, पूछताछ जारी

परिजनों ने पुलिस को अपनी आशंका भी बताई है। उन्हें एक ‘407 वाहन’ (छोटा ट्रक/लोmanaged ट्रक) पर शक है। परिजनों के इनपुट के आधार पर सोमवार को ही संदेही वाहन चालक को आरोन थाने बुलाकर पूछताछ भी की गई है। हालांकि, पुलिस ने अभी तक इस मामले में किसी की गिरफ्तारी या आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।


💰 कलेक्टर से की आर्थिक सहायता की मांग

भाई-बहन की अचानक मौत से पूरा परिवार आर्थिक और मानसिक रूप से टूट चुका है। न्याय की गुहार लगाने के साथ ही परिजन कलेक्टर कार्यालय भी पहुंचे। उन्होंने प्रशासन से पीड़ित परिवार को जल्द से जल्द उचित राहत राशि और आर्थिक सहायता दिलाए जाने की मांग रखी है। परिवार का कहना है कि अब उन्हें केवल प्रशासन से न्याय और मदद की उम्मीद बची है।

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