गुना में फूटा छात्रों और नागरिकों का गुस्सा: सोनम वांगचुक के समर्थन में निकाला ‘सांसद मार्च’; केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के दफ्तर पहुंचे प्रदर्शनकारी

0
5

drnewsindia.com

गुना ब्यूरो डेस्क (20 जुलाई 2026): लद्दाख के प्रमुख पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के समर्थन और देश में लगातार हो रहे पेपर लीक मामलों के विरोध में आज गुना शहर की सड़कों पर जबरदस्त आक्रोश देखने को मिला। सिविल सोसाइटी के बैनर तले बड़ी संख्या में छात्रों और आम नागरिकों ने नगरपालिका कार्यालय से लेकर सांसद कार्यालय तक एक विशाल और अनूठी ‘सांसद मार्च रैली’ निकाली।

प्रदर्शनकारियों ने कतारबद्ध होकर एक मजबूत मानव श्रृंखला (Human Chain) बनाई और केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। हाथों में तख्तियां लिए आंदोलनकारी सीधे स्थानीय सांसद और केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के कार्यालय पहुंचे।

📌 गुना सांसद मार्च: मुख्य बिंदु (Key Highlights)

  • 🚶‍♂️ अनोखा प्रदर्शन: आंदोलनकारियों का नारा— “दिल्ली में संसद मार्च हो रहा है, तो हम गुना में सांसद मार्च कर रहे हैं।”
  • 📍 रूट चार्ट: नगरपालिका परिसर के सामने एकत्रित होकर मानव श्रृंखला के रूप में सांसद कार्यालय तक कूच।
  • 👤 निशाने पर सिंधिया: गुना-शिवपुरी संसदीय क्षेत्र के सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया के माध्यम से दिल्ली तक आवाज पहुंचाने की कोशिश।
  • 📑 इस्तीफे की मांग: प्रदर्शनकारियों के हाथों में ‘केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो’ के नारे लिखी तख्तियां थीं।

🛑 घेराव नहीं, दिल्ली तक आवाज पहुंचाने आए हैं: सिविल सोसाइटी

सांसद कार्यालय के बाहर प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए प्रमुख वक्ता और आंदोलनकारी लोकेश शर्मा ने आंदोलन का रुख स्पष्ट किया। उन्होंने कहा:

“हम यहाँ स्थानीय सांसद कार्यालय का घेराव करने या किसी व्यवस्था को बाधित करने नहीं आए हैं। हम यह स्पष्ट कर देना चाहते हैं कि यह गुना के सजग नागरिकों का ‘सांसद मार्च’ है। चूंकि गुना-शिवपुरी क्षेत्र का प्रतिनिधित्व ज्योतिरादित्य सिंधिया जी कर रहे हैं, इसलिए हम उनके माध्यम से देश की संसद और सरकार तक यह मजबूत आवाज पहुंचाना चाहते हैं कि देश के युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ बंद हो और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान तुरंत अपने पद से इस्तीफा दें।”

📉 पेपर लीक से बर्बाद हो रहा युवाओं का भविष्य, अब सहन नहीं

आंदोलन में शामिल छात्र नेताओं और वक्ताओं ने देश में चल रहे पेपर लीक सिंडिकेट पर तीखा प्रहार किया:

  • छात्रों की दुर्दशा: वक्ताओं ने आरोप लगाया कि बार-बार होने वाले पेपर लीक के कारण देश के हजारों योग्य छात्र मानसिक तनाव में आकर आत्महत्या जैसा खौफनाक कदम उठाने को मजबूर हो चुके हैं।
  • आवाज कुचलने का आरोप: जब भी देश के नौजवानों और विद्यार्थियों ने इस व्यवस्था के खिलाफ आवाज उठाई, तो प्रशासनिक स्तर पर उनकी आवाज को दबाने और कुचलने का प्रयास किया गया। प्रदर्शनकारियों ने दोटूक कहा कि देश का युवा अब चुप बैठने वाला नहीं है और पेपर लीक की घटनाओं पर पूरी तरह रोक लगनी ही चाहिए।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here