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विशेष ग्राउंड रिपोर्ट, नई दिल्ली ब्यूरो (24 जुलाई 2026): राजधानी दिल्ली का जंतर-मंतर इस समय केवल नारों और बैनरों का केंद्र नहीं, बल्कि देश और दुनिया भर से उमड़ रही जन-सहानुभूति की एक अनूठी मिसाल बन चुका है। पिछले एक महीने से अधिक समय से नीट (NEET) और परीक्षा धांधली के खिलाफ डटे हजारों प्रदर्शनकारियों के लिए देश के कोने-कोने—मुंबई, यूपी, केरल से लेकर अमेरिका, कनाडा, कतर और दुबई तक से क्विक-डिलीवरी ऐप्स के जरिए भोजन, पानी, दवाएं और जरूरी सामान भिजवाया जा रहा है।
जंतर-मंतर के एंट्री गेट पर दिन-रात जोमैटो, स्विगी, अमेजॉन और ब्लिंकिट के डिलीवरी एजेंट्स की लंबी कतारें लगी हुई हैं। ना भेजने वालों का पूरा नाम है, ना पता—बस एक ही संदेश है: “हम आंदोलन के साथ हैं।”
📌 जंतर-मंतर ग्राउंड रिपोर्ट: मुख्य बिंदु (Key Highlights)
- 📦 अनोखा समर्थन: 10,000 से ज्यादा प्रदर्शनकारियों के लिए स्विगी, जोमैटो और अमेजॉन फ्रेश से लगातार आ रहे ऑनलाइन ऑर्डर्स।
- 🌎 अंतरराष्ट्रीय मदद: कतर, दुबई, अमेरिका और कनाडा में बैठे भारतीय भी डिलीवरी ऐप्स से ऑर्डर कर भेज रहे रसद।
- 🩺 जरूरी सामान: पैक्ड फूड, जूस, फल, ORS, पेन रिलीफ स्प्रे, बैंडेज, मास्क, सैनिटरी पैड्स और चप्पलें तक शामिल।
- 🤝 वॉलंटियर्स की टीम: प्रदर्शनकारी छात्र (अभिषेक, प्रीति) बैरिकेडिंग से सामान उठाकर 400 मीटर दूर जरूरतमंदों तक पहुंचा रहे।

📦 ‘घर बैठे निभा रहे जिम्मेदारी’: केरल से यूपी तक के युवाओं का अनूठा जज्बा
ग्राउंड जीरो पर जब डिलीवरी पार्टनर्स के जरिए ऑर्डर भेजने वालों से बात की गई, तो देश भर के नागरिकों की अनूठी एकजुटता सामने आई:
- केरल से आईटी इंजीनियर सीजो:“मैं कॉर्पोरेट जॉब में होने के कारण खुद दिल्ली आकर धरने में शामिल नहीं हो सकता, इसलिए ऐप्स के जरिए ₹5,000 का खाना, जूस और ₹2,000 का मेडिकल सामान (ORS, स्प्रे, बैंडेज) भेजा है ताकि बीमार या चोटिल छात्रों को राहत मिल सके।”
- यूपी (कुशीनगर) के बीएड छात्र सत्यानंद:“हम भी स्टूडेंट हैं, इसलिए छात्रों के दर्द और संघर्ष को समझते हैं। पढ़ाई के कारण दिल्ली नहीं आ सका, लेकिन अपनी सामर्थ्य के अनुसार स्विगी से खाना और सामान भिजवाया है।”
🚚 ‘डार्क स्टोर के हर एजेंट के चक्कर लग रहे जंतर-मंतर पर’
अमेजॉन फ्रेश के डिलीवरी एजेंट राजू और अन्य स्विगी-जोमैटो पार्टनर्स ने बताया कि जंतर-मंतर उनके लिए सबसे बड़ा डिलीवरी हब बन गया है:
दिनभर में 8-10 चक्कर: स्थानीय गोदामों (डार्क स्टोर्स) से ज्यादातर एजेंट्स दिनभर में 8 से 10 बार 5,000 से 7,000 रुपये तक के राशन, ब्रेड, पूरी-सब्जी और मैक्डोनल्ड बर्गर के पार्सल लेकर जंतर-मंतर पहुंच रहे हैं। सामान सही हाथों में पहुंचे, इसके लिए कई डिलीवरी एजेंट्स खुद रुककर छात्रों की मदद कर रहे हैं।

🛡️ छात्र वॉलंटियर्स तैनात: सही जगह पहुंचाई जा रही मदद
शुरुआत में ज्यादा खाना आने और सामान के वितरण में अव्यवस्था की शिकायत मिलने के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और प्रदर्शनकारी छात्रों ने व्यवस्था को दुरुस्त किया है:
- अभिषेक और प्रीति जैसे वॉलंटियर्स: जंतर-मंतर के बाहर लगी पुलिस बैरिकेडिंग से पार्सल रिसीव कर आंदोलन स्थल तक पहुंचा रहे हैं।
- जरूरत के हिसाब से डिलीवरी: अब लोग खुले भोजन के बजाय डिब्बाबंद जूस, ड्राई फ्रूट्स, ORS गोलियां, फर्स्ट ऐड किट, सैनिटरी पैड्स और अलग-अलग साइज की चप्पलें भिजवा रहे हैं, ताकि धरना स्थल पर कोई भी छात्र परेशान न हो।





