पुरी/उड़ीसा (drnewsindia.com)। उड़ीसा की पवित्र पावन नगरी पुरी आज सुबह ‘जय जगन्नाथ’ के जयकारों और शंखध्वनि से गुंजायमान हो उठी। श्री जगन्नाथ मंदिर में पारंपरिक भव्यता के साथ भगवान जगन्नाथ, भाई बलभद्र और देवी सुभद्रा की पवित्र ‘देव स्नान यात्रा’ (Deba Snana Jatra) का महापर्व मनाया जा रहा है। इस अलौकिक दृश्य के साक्षी बनने के लिए देश-दुनिया से लाखों की संख्या में श्रद्धालु पुरी पहुंचे हैं।
यह वार्षिक अनुष्ठान देव स्नान पूर्णिमा के शुभ अवसर पर आयोजित किया जाता है, जो विश्व प्रसिद्ध रथ यात्रा (Rath Yatra) की शुरुआत का एक बेहद महत्वपूर्ण पड़ाव है।
🕌 स्वर्ण कुएं के 108 कलशों से हुआ महास्नान
सुबह तड़के ही तीनों पूज्य विग्रहों को एक भव्य और पारंपरिक जुलूस (पहांडी) के माध्यम से मंदिर के ‘स्नान वेदी’ पर लाया गया।
- पवित्र जल से स्नान: वैदिक मंत्रोच्चार, शंख बजाने और भक्ति संगीत के बीच, मंदिर के भीतर स्थित पवित्र ‘स्वर्ण कुएं’ (Golden Well) से निकाले गए 108 कलश सुगंधित और सिद्ध जल से भगवान का शाही स्नान कराया गया।
- भक्तों में भारी उत्साह: इस दिव्य स्नान उत्सव को देखने के लिए लाखों भक्तों की भीड़ सुबह से ही पलकें बिछाए बैठी थी।

😷 अब 15 दिनों के लिए ‘अनासार’ (कांतवास) में जाएंगे भगवान
इस शाही स्नान के बाद एक बेहद दिलचस्प और पौराणिक परंपरा शुरू होती है।
- 15 दिन नहीं होंगे दर्शन: महास्नान के बाद ऐसा माना जाता है कि भगवान को बुखार आ जाता है। इसके बाद तीनों विग्रह अगले 15 दिनों के लिए ‘अनासार’ (Anasara Period) यानी एकांतवास में चले जाएंगे।
- जनता की नजरों से दूर: इस पखवाड़े (15 दिन) के दौरान भगवान आम जनता को दर्शन नहीं देंगे। आयुर्वेदिक उपचार के बाद, वे रथ यात्रा से ठीक पहले ‘नवजौवन दर्शन’ (Nabajoubana Darshan) के रूप में दोबारा भक्तों के सामने प्रकट होंगे।
📅 16 जुलाई को निकलेगी विश्व प्रसिद्ध रथ यात्रा
एकांतवास (अनासार) की अवधि समाप्त होने के बाद, अगले महीने 16 जुलाई को विश्व प्रसिद्ध जगन्नाथ रथ यात्रा धूमधाम से निकाली जाएगी, जिसमें भगवान जगन्नाथ अपनी मौसी के घर (गुंडिचा मंदिर) जाएंगे।
प्रशासन मुस्तैद:
स्नान यात्रा के दौरान उमड़ने वाली लाखों की भारी भीड़ को देखते हुए उड़ीसा सरकार और मंदिर प्रशासन ने सुरक्षा और क्राउड-मैनेजमेंट (भीड़ नियंत्रण) के पुख्ता इंतजाम किए हैं, ताकि त्योहार को बिना किसी बाधा के शांतिपूर्वक संपन्न कराया जा सके।

सनातन संस्कृति, त्योहारों और देश-दुनिया की हर बड़ी व प्रामाणिक खबर के लिए हमेशा लॉग इन करें हमारी वेबसाइट drnewsindia.com पर। इस पोस्ट को शेयर कर पुण्य के भागीदार बनें!




