जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट से उड़ानें शुरू: वाटर कैनन सलामी के साथ उतरी पहली फ्लाइट; 170 किसान स्पेशल विमान से पहुंचे लखनऊ, एशिया का सबसे बड़ा हवाई अड्डा बनने की ओर कदम

0
16

drnewsindia.com

ग्रेटर नोएडा/नोएडा। दिल्ली-एनसीआर और उत्तर प्रदेश के विकास में आज का दिन सुनहरे अक्षरों में दर्ज हो गया है। नोएडा के जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट से आखिरकार कमर्शियल विमानों का संचालन शुरू हो गया है। सोमवार को लखनऊ से आई इंडिगो की पहली फ्लाइट ने जैसे ही जेवर के रनवे को छुआ, वहां का नजारा ऐतिहासिक हो गया। इस पहली फ्लाइट का स्वागत पारंपरिक रूप से ‘वाटर कैनन सैल्यूट’ (पानी की बौछारों की सलामी) देकर किया गया। यह फ्लाइट अब 161 यात्रियों को लेकर बेंगलुरु के लिए रवाना होगी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 28 मार्च को इस महत्वाकांक्षी एयरपोर्ट का उद्घाटन किया था, जिसके बाद आज से यहां नियमित यात्री सेवाएं शुरू हो चुकी हैं।

‘अन्नदाता’ बने आसमान के राजा: 170 किसान स्पेशल फ्लाइट से लखनऊ रवाना

जेवर एयरपोर्ट की शुरुआत में सबसे खूबसूरत और भावुक करने वाली तस्वीर तब देखने को मिली, जब एयरपोर्ट निर्माण के लिए अपनी जमीन देने वाले 170 किसान (जिनमें 20 महिला किसान भी शामिल हैं) एक स्पेशल फ्लाइट से नोएडा से लखनऊ के लिए रवाना हुए। ये सभी किसान लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात करेंगे।

भावुक हुए किसान:

  • किसान इब्राहिम ने कहा- “हमारे घर और मकान सब एयरपोर्ट की जमीन में चले गए, लेकिन इसके बनने से पूरे यूपी का फायदा होगा। विधायक जी ने वादा किया था कि पहली फ्लाइट किसानों के लिए होगी और वे सीएम योगी से मिलाएंगे, आज वह वादा पूरा हो गया।”
  • महिला किसान तृप्ति ने मुख्यमंत्री का आभार जताते हुए कहा- “देश में कई एयरपोर्ट बने हैं, लेकिन जेवर देश का ऐसा पहला एयरपोर्ट है जहां की पहली उड़ान में सबसे पहले किसान शामिल हो रहे हैं।”

केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री और स्थानीय विधायक ने जताया गर्व

इस ऐतिहासिक मौके पर केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू किंजरापु ने कहा, “आज बहुत खुशी का दिन है। लखनऊ के लिए, खास तौर पर किसानों के लिए यहां से पहली उड़ान की व्यवस्था की गई है। यह एयरपोर्ट जल्द ही हमारे देश के शीर्ष 5 हवाई अड्डों में शामिल होने वाला है।”

वहीं, जेवर से भाजपा विधायक धीरेंद्र सिंह ने इसे विकसित भारत की नई तस्वीर बताते हुए कहा, “यह पूरे देश के लिए गर्व का क्षण है। जिस भूमि पर कभी किसान अन्न उपजाते थे, आज उसी भूमि से उनकी पहली उड़ान देश की तरक्की की गवाही दे रही है। यह भव्य निर्माण किसानों के त्याग और सहयोग से ही संभव हुआ है।”

उड़ानों का शेड्यूल: आज और कल से शुरू होने वाली फ्लाइट्स

जेवर एयरपोर्ट से शुरुआत में देश के 45 शहरों के लिए करीब 65 कमर्शियल फ्लाइट्स संचालित होंगी।

  • आज (15 जून): हैदराबाद और अमृतसर के लिए भी नियमित उड़ानें आज से शुरू हो रही हैं।
  • कल (16 जून) से इंडिगो: नोएडा से बेंगलुरु और जम्मू के लिए दैनिक उड़ानें शुरू करेगी।
  • कल (16 जून) से अकासा एयर: नोएडा से बेंगलुरु और नवी मुंबई के लिए सेवाएं शुरू करने जा रही है।
  • आगामी शहरों की कनेक्टिविटी: जल्द ही बरेली, श्रीनगर, जयपुर, जोधपुर, धर्मशाला, भोपाल, चंडीगढ़, किशनगढ़ और देहरादून के लिए भी उड़ानें शुरू होंगी।

जेवर एयरपोर्ट की 5 बड़ी खासियतें (हाई-टेक कनेक्टिविटी)

यह एयरपोर्ट पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल पर लगभग 11,200 करोड़ रुपए के निवेश से तैयार हुआ है। इसके फर्स्ट फेज में 1334 हेक्टेयर (करीब 3300 एकड़) जमीन पर टर्मिनल और रनवे बनाया गया है, जहां से हर साल 1.2 करोड़ यात्री सफर कर सकेंगे।

  1. सिर्फ 20 मिनट में बोर्डिंग: इस ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट की सबसे बड़ी खूबी यह है कि एंट्री के बाद सुरक्षा जांच और 60 मीटर का कॉरिडोर पार कर यात्री सिर्फ 20 मिनट के भीतर बोर्डिंग गेट तक पहुंच सकते हैं (जबकि दिल्ली T3 पर इसमें 15-30 मिनट की सिर्फ वॉकिंग होती है)।
  2. यमुना और दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे: यह एयरपोर्ट यमुना एक्सप्रेस-वे के बिल्कुल पास है और इसे दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे व ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे से भी सीधी कनेक्टिविटी दी जा रही है।
  3. हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर: दिल्ली-वाराणसी के बीच प्रस्तावित बुलेट ट्रेन/हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर का एक स्टेशन इसी एयरपोर्ट के पास प्रस्तावित है।
  4. RRTS कनेक्टिविटी: गाजियाबाद से एयरपोर्ट को सीधे जोड़ने के लिए 71.1 किमी लंबा RRTS (रैपिड रेल) रूट बनाया जाएगा, जिसमें 11 स्टेशन होंगे और इस पर 16 हजार करोड़ रुपए खर्च होंगे।
  5. यमुना पुश्ता एलिवेटेड रोड: यह रोड दिल्ली के एक हिस्से को सीधे जेवर एयरपोर्ट से जोड़ेगी।

भविष्य का मास्टरप्लान: चीन को पछाड़कर बनेगा एशिया का सबसे बड़ा एयरपोर्ट

जेवर एयरपोर्ट का शिलान्यास 25 नवंबर 2021 को हुआ था और स्विस कंपनी ज्यूरिख इंटरनेशनल ने इसे महज 5 साल में तैयार किया है। अभी पहला फेज पूरा हुआ है, लेकिन जब इसके सभी 4 फेज का काम पूरा हो जाएगा, तो यह एशिया का सबसे बड़ा और दुनिया का छठा सबसे बड़ा एयरपोर्ट बन जाएगा।

  • रनवे के मामले में: यहां कुल 5 रनवे बनाए जाने हैं (छठे रनवे की भी संभावना है)। वर्तमान में एशिया में रनवे के लिहाज से चीन का शंघाई पुडोंग एयरपोर्ट सबसे बड़ा है, जिसे जेवर पीछे छोड़ देगा।
  • क्षेत्रफल के मामले में: यह एयरपोर्ट कुल 52 स्क्वायर किमी में बनना प्रस्तावित है। पूरा होने पर यह क्षेत्रफल के मामले में भी एशिया के सबसे बड़े चीन के बीजिंग डेक्सिंग इंटरनेशनल एयरपोर्ट (47 स्क्वायर किमी) को पछाड़ देगा।

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से जुड़ी हर लाइव अपडेट और देश-दुनिया की सटीक खबरों के लिए जुड़े रहें drnewsindia.com के साथ।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here