तमिलनाडु में आस्था और समृद्धि का पर्व ‘आदि पेरुक्कु’: नदियों के तटों पर उमड़ा जनसैलाब

0
3

drnewsindia.com

चेन्नई। तमिलनाडु में सावन/आदि महीने का 18वां दिन बड़े ही हर्षोल्लास और भक्तिभाव के साथ ‘आदि पेरुक्कु’ (Aadi Perukku) के रूप में मनाया जा रहा है। यह पावन पर्व प्रकृति, जल संसाधनों और देवी ‘अम्मन’ (अम्मन माता) की पूजा को समर्पित है।

🌊 जल पूजा और कृषि समृद्धि की कामना

यह त्योहार मुख्य रूप से नदियों में जलस्तर के बढ़ने और कृषि की समृद्धि के उपलक्ष्य में मनाया जाता है:

  • कावेरी नदी के तट पर भव्यता: तिरुचि (Tiruchi) और धर्मपुरी सहित राज्यभर में नदियों, तालाबों और जलाशयों के किनारे श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी।
  • जल ही जीवन: किसान और स्थानीय लोग अच्छी फसल, जल सुरक्षा और खुशहाली के लिए पवित्र नदियों की विशेष पूजा-अर्चना करते हैं।

💍 सांस्कृतिक परंपराएँ एवं मान्यताएँ

‘आदि पेरुक्कु’ का दिन महिलाओं और युवाओं के लिए अत्यंत विशेष और पवित्र माना जाता है:

  • अविवाहित कन्याओं की प्रार्थना: कुंवारी लड़कियां योग्य, मनचाहा और सुयोग्य जीवनसाथी पाने के लिए नदियों के किनारे प्रार्थना करती हैं।
  • अखंड सौभाग्य का वरदान: शादीशुदा महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र, वैवाहिक सुख और परिवार की खुशहाली के लिए विशेष अनुष्ठान करती हैं।
  • देवी को ‘गोद भराई’ का अर्पण: इस अवसर पर देवी अम्मन को पारंपरिक रूप से सांकेतिक रूप से ‘गोद भराई’ (Symbolic Baby Shower) की रस्म अर्पित की जाती है।

✨ उत्सव की झलक: पूरे तमिलनाडु में नदियाँ और जल स्रोत दीपों, फूलों और रंगोली से सजे नजर आ रहे हैं। हर तरफ धार्मिक उत्साह और उत्सव का माहौल बना हुआ है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here