drnewsindia.com / बिजनेस डेस्क | डिजिटल डेस्क: देश में त्योहारी सीजन की शुरुआत से ठीक पहले चीनी की सप्लाई घटने और कीमतों में अचानक आई तेजी के बाद बड़ा कदम उठाया गया है। ब्लिंकिट और जेप्टो जैसे क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर ग्राहक अब एक बार में सिर्फ 2 से 5 किलो चीनी ही खरीद सकेंगे।
30 दिनों में ₹17 प्रति किलो तक महंगी हुई चीनी
उपभोक्ता मामले विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, देश में चीनी की खुदरा और थोक कीमतों में भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है:
- खुदरा कीमत: 26 जुलाई को खुदरा भाव ₹48/किलो था, जो 26 अगस्त को बढ़कर ₹65.05/किलो पर पहुंच गया है (35.5% की तेजी)।
- थोक कीमत: थोक बाजार में चीनी ₹45/किलो से बढ़कर ₹60.36/किलो हो गई है।
- ऑफलाइन बाजार में भी सख्ती: डीमार्ट और रिलायंस रिटेल जैसे सुपरमार्केट्स ने जमाखोरी रोकने के लिए प्रति ग्राहक 2 से 3 किलो की सीमा तय की है।

कीमतें बढ़ने और सप्लाई घटने के 3 मुख्य कारण
- उत्पादन में गिरावट: ISMA के अनुसार, 2025-26 मार्केटिंग सत्र में एथेनॉल ब्लेंडिंग के बाद देश का चीनी उत्पादन घटकर 279 लाख टन रहने का अनुमान है।
- भारी घरेलू मांग: देश में सालाना खपत 280 लाख टन है। उत्पादन कम रहने की आशंका से बाजार में सप्लाई प्रेशर बन गया है।
- घटता क्लोजिंग स्टॉक: सितंबर के अंत तक देश में क्लोजिंग स्टॉक घटकर महज 35 लाख टन रहने का अनुमान है।
राहत देने के लिए केंद्र सरकार के 5 बड़े फैसले
रक्षाबंधन, गणेशोत्सव, नवरात्रि और दिवाली जैसे त्योहारों पर आम जनता का बजट न बिगड़े, इसके लिए सरकार ने सख्त कदम उठाए हैं:
- 10 लाख टन इंपोर्ट: सरकार ने 10 लाख टन चीनी आयात को मंजूरी दी है।
- टैक्स फ्री आयात: चीनी के आयात को पूरी तरह टैक्स फ्री कर दिया गया है।
- एक्सपोर्ट पर बैन: चीनी के निर्यात पर 30 सितंबर 2026 तक रोक लगा दी गई है।
- स्टॉक लिमिट लागू: 10 मीट्रिक टन से अधिक कारोबार करने वाले डीलर 15 दिन से अधिक का स्टॉक नहीं रख सकते। वहीं 30 नवंबर तक अधिकतम 400 टन की स्टॉक सीमा तय की गई है।
- जमाखोरी पर कार्रवाई: सभी राज्यों को बाजारों में चेकिंग बढ़ाने और सट्टेबाजी रोकने के निर्देश दिए गए हैं।

Quick Highlights (मुख्य बिंदु)
- खरीद सीमा: ऐप पर 2-5 किलो, सुपरमार्केट्स में 2-3 किलो तक सीमित
- खुदरा भाव: ₹65.05 प्रति किलो (35.5% की बढ़ोतरी)
- सरकारी राहत: 10 लाख टन टैक्स फ्री इंपोर्ट, 30 सितंबर 2026 तक एक्सपोर्ट बैन
- डीलर नियम: 15 दिन से ज्यादा का स्टॉक रखने पर पाबंदी




