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नई दिल्ली/मुंडका। देश की राजधानी दिल्ली के मुंडका औद्योगिक क्षेत्र (Mundka Industrial Area) से शुक्रवार दोपहर एक बेहद हृदयविदारक घटना सामने आई है। यहाँ एक फैक्ट्री में सेप्टिक टैंक की सफाई करने उतरे तीन मजदूरों की जहरीली गैस की चपेट में आने से दर्दनाक मौत हो गई।
हादसे की जानकारी मिलते ही दिल्ली अग्निशमन सेवा (DFS), स्थानीय पुलिस और जिला प्रशासन की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं। भारी मशक्कत और रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद तीनों मजदूरों को टैंक से बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उनका दम घुट चुका था और डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
🚒 दोपहर 12 बजे मिली हादसे की सूचना, ट्रैफिक जाम के बीच ऐसे चला रेस्क्यू
दिल्ली अग्निशमन सेवा (Delhi Fire Service) से मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार:
- कॉल टाइम: शुक्रवार दोपहर करीब 12:03 बजे ज्वालापुरी फायर स्टेशन को सूचना मिली कि मुंडका इंडस्ट्रियल एरिया स्थित फैक्ट्री नंबर 93/8 के सेप्टिक टैंक में कुछ लोग फंस गए हैं।
- त्वरित एक्शन: सूचना मिलते ही तुरंत दो वाटर टेंडर (दमकल गाड़ियां) घटनास्थल के लिए रवाना की गईं।
- अतिरिक्त टीम तैनात: रास्ते में भारी ट्रैफिक जाम होने के कारण राहत कार्य में देरी न हो, इसके लिए टिकरी फायर स्टेशन से एक और अतिरिक्त वाटर टेंडर तुरंत मौके पर भेजा गया।
- प्रशासनिक तालमेल: स्थिति की गंभीरता को देखते हुए दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA) के माध्यम से एसडीएम (SDM) मुंडका को भी तुरंत मौके पर बुलाया गया।

🛑 सुरक्षा उपकरणों के साथ निकाले गए शव, दम घुटने की आशंका
फायर ब्रिगेड और पुलिस की टीम ने संयुक्त रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। गैस बेहद जहरीली होने के कारण दमकल कर्मी विशेष सुरक्षा उपकरणों और मास्क की मदद से गहरे सेप्टिक टैंक के अंदर उतरे।
काफी प्रयासों के बाद तीनों मजदूरों को अचेत अवस्था में बाहर निकाला गया, जहाँ मौके पर मौजूद चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। प्राथमिक जांच और परिस्थितियों को देखते हुए आशंका जताई जा रही है कि बंद सेप्टिक टैंक में लंबे समय से जमा विषैली गैसों (जैसे मीथेन या कार्बन मोनोऑक्साइड) के रिसाव के कारण मजदूरों का दम घुट गया और उन्हें संभलने का मौका तक नहीं मिला।

⚖️ पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा; फैक्ट्री मालिक पर कसेगा शिकंजा
मुंडका थाना पुलिस ने तीनों मृतकों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सुरक्षित भिजवा दिया है। पुलिस ने फैक्ट्री प्रबंधन और मालिक से इस संबंध में कड़ी पूछताछ शुरू कर दी है।
🔍 जांच के मुख्य बिंदु: पुलिस और प्रशासन अब इस बात की बारीकी से पड़ताल कर रहे हैं कि क्या सेप्टिक टैंक की सफाई के दौरान तयशुदा सरकारी सुरक्षा मानकों (Safety Protocols) का पालन किया गया था या नहीं? सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या इन गरीब मजदूरों को टैंक में उतारने से पहले आवश्यक जीवन रक्षक उपकरण और गैस मास्क उपलब्ध कराए गए थे? पुलिस का कहना है कि मामले में फैक्ट्री प्रबंधन की लापरवाही साफ दिख रही है और जांच रिपोर्ट आते ही दोषियों के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या और लापरवाही की विभिन्न धाराओं में सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।




