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मुंबई। श्रीलंका में खेली जा रही ट्राई-सीरीज के दौरान भारत-ए और श्रीलंका-ए के मैच के बाद उपजे विवाद पर भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने अपना रुख पूरी तरह साफ कर दिया है। बीसीसीआई के सेक्रेटरी देवजीत सैकिया ने गुरुवार को स्पष्ट किया कि श्रीलंकाई खिलाड़ी को धक्का देने के मामले में युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी पर क्या एक्शन होगा, इसका पूरा अधिकार मैच रेफरी के पास है और बोर्ड इस प्रक्रिया में कोई हस्तक्षेप नहीं करेगा।
देवजीत सैकिया ने सोशल मीडिया पर चल रही चर्चाओं पर विराम लगाते हुए कहा:
“ऐसी घटनाएं खेल के मैदान पर होती रहती हैं। मैदान के अनुशासन और विवादों से निपटने के लिए क्रिकेट में पहले से ही एक मजबूत सिस्टम मौजूद है। वही सिस्टम फॉलो किया जाएगा। मैच रेफरी के अधिकार क्षेत्र में दखल देना बीसीसीआई का काम नहीं है।”
💥 सुपर ओवर के बाद बिगड़ा माहौल, मैदान पर हुई धक्का-मुक्की
यह पूरा विवाद 15 जून को दांबुला में खेले गए भारत-ए और श्रीलंका-ए के रोमांचक मैच के बाद शुरू हुआ। मैच का फैसला मुख्य ओवरों में न होकर ‘सुपर ओवर’ (Super Over) में हुआ, जहां श्रीलंका-ए ने भारतीय टीम को हरा दिया।
जीत-हार के ठीक बाद दोनों टीमों के खिलाड़ियों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई। इसी दौरान जोश और गुस्से में आकर भारतीय खिलाड़ी वैभव सूर्यवंशी ने श्रीलंका के गेंदबाज विशेन हलामबागे को सरेआम धक्का दे दिया, जिससे मैदान पर स्थिति काफी गंभीर हो गई थी। बाद में दोनों टीमों के अन्य खिलाड़ियों ने बीच-बचाव कर मामले को शांत कराया।

🤬 “यह IPL नहीं है, घर जाओ…” — इस कमेंट पर भड़के थे वैभव
मैदान से छनकर आ रही खबरों के मुताबिक, इस विवाद की मुख्य वजह श्रीलंकाई खिलाड़ी विशेन हलामबागे द्वारा की गई स्लेजिंग थी। मैच जीतने के बाद हलामबागे ने वैभव सूर्यवंशी पर तंज कसते हुए कहा था:
“यह आईपीएल (IPL) नहीं है छोटे… मैच खत्म हो चुका है, अब तुम चुपचाप अपने घर जाओ।”
इस कमेंट को वैभव सहन नहीं कर पाए और उन्होंने पलटकर श्रीलंकाई खिलाड़ी को धक्का दे दिया।
⚖️ मैच रेफरी ने की जुर्माने की सिफारिश, लेकिन पेंच अभी बाकी है!
मैदान पर हुए इस दुर्व्यवहार को देखते हुए मैच रेफरी प्रदीप जयप्रकाशन ने अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। उन्होंने खिलाड़ियों पर निम्नलिखित जुर्माने की सिफारिश की है:
- वैभव सूर्यवंशी और विशेन हलामबागे: मैच फीस का 50-50% जुर्माना।
- तिलक वर्मा (भारतीय कप्तान): अंपायर से बहस करने के लिए 30% जुर्माना।
- निरोशन डिकवेला (श्रीलंकाई विकेटकीपर): हद से ज्यादा स्लेजिंग के लिए 20% जुर्माना।
क्यों नहीं लागू हुआ अब तक फैसला?
चूंकि यह कोई आधिकारिक इंटरनेशनल मैच नहीं था, इसलिए मैच रेफरी का फैसला सीधे लागू नहीं हो सकता। रेफरी सिर्फ सिफारिश कर सकता है, जिसे लागू करना या न करना दोनों देशों के क्रिकेट बोर्ड (BCCI और SLC) पर निर्भर करता है। अब चूंकि बीसीसीआई ने साफ कर दिया है कि वे रेफरी के फैसले का सम्मान करेंगे, तो सारा दारोमदार श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड पर है। यदि वे भी इसके लिए हामी भरते हैं, तो खिलाड़ियों पर यह जुर्माना तय माना जाएगा।

📌 भारत-श्रीलंका ए मैच विवाद: एक नजर में (Quick Glance)
| विवाद के मुख्य बिंदु | घटनाक्रम और प्रशासनिक स्थिति |
| मैच की तारीख व स्थान | 15 जून 2026, दांबुला (श्रीलंका) |
| विवाद का कारण | सुपर ओवर में हार के बाद श्रीलंकाई खिलाड़ी की स्लेजिंग और वैभव द्वारा धक्का देना |
| वैभव सूर्यवंशी पर एक्शन | मैच रेफरी द्वारा 50% मैच फीस काटने की सिफारिश |
| कप्तान तिलक वर्मा पर गाज | अंपायर से बहस के चलते 30% मैच फीस का जुर्माना प्रस्तावित |
| BCCI का स्टैंड | बोर्ड मैच रेफरी और अंपायर के काम में कोई दखल नहीं देगा |




