पीएम मोदी का बड़ा बयान: ‘योगासन’ बनेगा ग्लोबल स्पोर्ट्स; युवाओं के लिए खुलेंगे करियर के नए रास्ते

0
3

drnewsindia.com / नई दिल्ली / अहमदाबाद। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज योग को लेकर एक बड़ा विज़न देश और दुनिया के सामने रखा है। अहमदाबाद के ‘एका एरिना’ (Eka Arena) में आयोजित हो रहे पहले ‘वर्ल्ड योगासन स्पोर्ट्स चैंपियनशिप’ (World Yogasana Sports Championship) के उद्घाटन संस्करण में वर्चुअली जुड़ते हुए पीएम मोदी ने कहा कि योग मानवता को भारत का एक अनमोल और शाश्वत उपहार है। यह मन, शरीर और आत्मा को जोड़ता है और एक स्वस्थ व शांतिपूर्ण दुनिया की प्रेरणा देता है।

प्रधानमंत्री ने विश्वास जताया कि यह पहला विश्व योगासन टूर्नामेंट योग को दुनिया भर में एक स्पोर्ट्स (खेल) के रूप में नई पहचान दिलाएगा और युवाओं के लिए असीम संभावनाओं के द्वार खोलेगा।

🌟 खेल के रूप में योग: बनेगा एक नया इकोसिस्टम (Ecosystem)

पीएम मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि जब कोई विधा खेल का रूप लेती है, तो वह अपने साथ एक बहुत बड़ा और समृद्ध इकोसिस्टम लेकर आती है। योगासन के ग्लोबल स्पोर्ट्स बनने से सिर्फ खिलाड़ी ही नहीं, बल्कि कई अन्य क्षेत्रों के युवाओं को भी फायदा होगा:

  • एथलीट्स के लिए नए अवसर: योग को खेल के रूप में अपनाने से वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धाएं बढ़ेंगी, जिससे युवा एथलीट्स को अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिलेगा।
  • मल्टीपल करियर ऑप्शंस: योगासन के विस्तार से आने वाले दिनों में ट्रेनर्स (Trainers), स्पोर्ट्स साइंटिस्ट (Sports Scientists), रिसर्चर्स (Researchers) और इवेंट मैनेजर्स (Event Managers) के लिए रोजगार के बड़े और नए अवसर पैदा होंगे।

❝योग सिर्फ व्यायाम नहीं, मानवता को भारत का उपहार है❞ — पीएम मोदी

संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री ने योग के मूल महत्व को रेखांकित करते हुए कहा:

“योग केवल शरीर को स्वस्थ रखने का साधन नहीं है, बल्कि यह मन और आत्मा को एकाग्र करने का जरिया है। आज जब दुनिया तनाव और स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों से जूझ रही है, तब योग एक अधिक सामंजस्यपूर्ण और स्वस्थ वैश्विक समाज के निर्माण में मार्गदर्शक की भूमिका निभा रहा है।”

🏆 पहली बार हो रहा है ऐसा आयोजन

अहमदाबाद में आयोजित हो रहा यह ‘वर्ल्ड योगासन स्पोर्ट्स चैंपियनशिप’ अपनी तरह का पहला और ऐतिहासिक आयोजन है। इसका मुख्य उद्देश्य पारंपरिक योग क्रियाओं को एक आधुनिक खेल (Sport) के नियमों में ढालकर अंतरराष्ट्रीय मंच पर स्थापित करना है, ताकि इसे ओलंपिक और अन्य वैश्विक खेल प्रतियोगिताओं की तरह पहचान मिल सके।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here