drnewsindia.comसीहोर। सीहोर के पुराने भोपाल-इंदौर मार्ग पर ग्राम पचामा के पास करीब 40 करोड़ रुपए की लागत से बन रही सड़क को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। जिला कांग्रेस अध्यक्ष राजीव गुजराती ने सड़क निर्माण कार्य में गंभीर अनियमितताओं और भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए इसकी निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि निर्माण कार्य तकनीकी मानकों की अनदेखी कर किया जा रहा है, जिससे सरकारी धन का दुरुपयोग हो रहा है।
राजीव गुजराती ने निर्माण स्थल का निरीक्षण करने के बाद बताया कि सड़क चौड़ीकरण या नई सड़क निर्माण से पहले नियमानुसार बिजली के खंभों और ट्रांसफार्मरों को शिफ्ट किया जाता है। इसके बाद सड़क का समतलीकरण और निर्माण कार्य किया जाता है। लेकिन पचामा के पास सड़क का निर्माण पोल शिफ्टिंग से पहले ही कर दिया गया है, जो तकनीकी दृष्टि से गलत है।
पोल हटाए बिना बिछा दी डामर की परत
कांग्रेस जिलाध्यक्ष का आरोप है कि सड़क का बेस तैयार करने के साथ उस पर डामर की एक परत भी बिछा दी गई है, जबकि बिजली के खंभे अभी भी सड़क के बीच और किनारों पर मौजूद हैं। उनका कहना है कि बाद में जब इन खंभों को हटाया जाएगा तो नई सड़क को दोबारा खोदना पड़ेगा, जिससे उसकी मजबूती और गुणवत्ता प्रभावित होगी।
पहली बारिश में धंसने लगी सड़क
राजीव गुजराती ने दावा किया कि करीब 40 करोड़ रुपए की लागत से तैयार हो रही सड़क पहली ही बारिश में कई स्थानों पर धंसने लगी है। उन्होंने आरोप लगाया कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखा गया, जिसके कारण नई बनी नालियां भी जगह-जगह टूट चुकी हैं। उनका कहना है कि सड़क पर वाहन चलाने के दौरान असंतुलन साफ महसूस होता है, जो निर्माण की खराब गुणवत्ता को दर्शाता है।
जांच और कार्रवाई की मांग
कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने पूरे मामले को विभागीय लापरवाही और भ्रष्टाचार का उदाहरण बताते हुए उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि दोषी ठेकेदार और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए तथा जनता के पैसे की बर्बादी रोकी जाए।
पीडब्ल्यूडी का पक्ष
वहीं, लोक निर्माण विभाग (PWD) का कहना है कि सड़क निर्माण कार्य विभागीय अधिकारियों की निगरानी में कराया जा रहा है और सभी कार्य निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार किए जा रहे हैं। हालांकि, कांग्रेस द्वारा लगाए गए आरोपों को लेकर विभाग ने विस्तृत प्रतिक्रिया नहीं दी है।




