बच्चों को मिलेगा स्वादिष्ट और पौष्टिक मध्याह्न भोजन, आष्टा में रसोइयों को दिया गया विशेष प्रशिक्षण

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drnewsindai.com/आष्टा, 11 जून 2026। प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना के तहत शासकीय विद्यालयों में अध्ययनरत बच्चों को गुणवत्तापूर्ण, स्वादिष्ट और पोषणयुक्त भोजन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से गुरुवार को आष्टा विकासखंड के सभी जनशिक्षा केंद्रों पर रसोइया सह सहायिकाओं का एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशिक्षण में भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता, सुरक्षा और पोषण संबंधी मानकों की विस्तृत जानकारी दी गई।

विकासखंड स्रोत समन्वयक (बीआरसीसी) अजब सिंह राजपूत के मार्गदर्शन में आयोजित इस प्रशिक्षण में जनशिक्षकों ने मास्टर ट्रेनर की भूमिका निभाई। प्रशिक्षण से पूर्व पीएम पोषण योजना प्रभारी फूलचंद्र सांकले द्वारा सभी जनशिक्षकों को आवश्यक दिशा-निर्देश एवं प्रशिक्षण प्रदान किया गया था।

स्वच्छता, पोषण और सुरक्षा पर दिया गया विशेष जोर

प्रशिक्षण के दौरान रसोइया सह सहायिकाओं को व्यक्तिगत स्वच्छता, रसोईघर की साफ-सफाई, खाद्य सामग्री की गुणवत्ता, पोषणयुक्त भोजन तैयार करने के तरीके तथा सुरक्षा उपायों के बारे में विस्तार से बताया गया। उन्हें निर्देश दिए गए कि भोजन बनाने से पहले हाथों की अच्छी तरह सफाई करें, एप्रन एवं कैप का उपयोग अनिवार्य रूप से करें तथा रसोई परिसर में किसी भी प्रकार के तंबाकू उत्पाद का प्रयोग न करें।

इसके अलावा रसोई में उपयोग होने वाले बर्तनों, गैस चूल्हों और अन्य उपकरणों की नियमित सफाई, कीट नियंत्रण तथा सुरक्षित खाद्य भंडारण पर भी विशेष ध्यान देने को कहा गया। प्रशिक्षण में एफएसएसएआई मानकों के अनुरूप खाद्य सामग्री, एगमार्क उत्पादों तथा फोर्टिफाइड चावल एवं दालों के उपयोग की जानकारी दी गई।

साप्ताहिक मेन्यू के अनुसार बनेगा भोजन

प्रशिक्षण में यह भी बताया गया कि विद्यार्थियों को निर्धारित साप्ताहिक मेन्यू के अनुसार भोजन उपलब्ध कराया जाए। भोजन में हरी सब्जियों के उपयोग को बढ़ावा देने तथा विद्यालयों में विकसित किचन गार्डन से ताजी सब्जियां शामिल करने पर जोर दिया गया। साथ ही गैस सिलेंडरों की नियमित जांच और अग्निशमन यंत्रों के उपयोग की जानकारी भी दी गई।

भोजन परोसने से पहले चखना होगा अनिवार्य

योजना के दिशा-निर्देशों के अनुसार भोजन वितरण से 30 मिनट पूर्व स्कूल प्रबंधन समिति (एसएमसी) के सदस्य एवं शिक्षक द्वारा भोजन चखना अनिवार्य रहेगा। इसके बाद बच्चों के हाथ साबुन से धुलवाकर बिना किसी भेदभाव के भोजन परोसा जाएगा।

बीआरसीसी ने दिए सख्त निर्देश

बीआरसीसी अजब सिंह राजपूत ने प्रशिक्षण के दौरान स्पष्ट किया कि विद्यालयों में बच्चों को केवल ताजा, स्वच्छ और निर्धारित मेन्यू के अनुरूप भोजन ही उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने निर्देश दिए कि भोजन तैयार करने से पहले विद्यार्थियों की संख्या संबंधित शिक्षक से प्राप्त की जाए तथा रसोईघर में केवल अधिकृत रसोइया और प्रभारी शिक्षक को ही प्रवेश की अनुमति होगी। साफ-सफाई और गुणवत्ता के मामले में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

राज्य शिक्षा केंद्र के निर्देशों के तहत आयोजित इस प्रशिक्षण में जगदीश प्रसाद मालवीय, ज्ञान सिंह मेवाड़ा, लखनलाल जोमर, कमल किशोर वर्मा, सुरेश कुमार राठौर, लखन सिंह ठाकुर, गजराज सिंह राजपूत, धर्मेंद्र सिंह ठाकुर, केदार सिंह परमार, एलम परमार, करन सिंह, अकेसिंह ठाकुर, शिवनारायण वर्मा और राजेंद्र सिंह ठाकुर सहित सभी जनशिक्षकों ने अपने-अपने केंद्रों पर प्रशिक्षण प्रदान किया। कार्यक्रम के दौरान जनपद शिक्षा केंद्र के बीएसी भी विभिन्न केंद्रों पर उपस्थित रहे।

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