बैंकॉक। थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक में रविवार देर रात एक बार (पब) में भीषण आग लगने से 27 लोगों की मौत हो गई, जबकि 63 लोग घायल हो गए। मृतकों में 9 पुरुष और 18 महिलाएं शामिल हैं। सभी घायलों का अस्पताल में इलाज चल रहा है। प्रारंभिक जांच में आग लगने की वजह बिजली प्रणाली में खराबी (शॉर्ट सर्किट) मानी जा रही है, हालांकि वास्तविक कारणों की जांच जारी है।
फायर ब्रिगेड विभाग के अनुसार, रात करीब 12 बजे आग लगने की सूचना मिली। दमकल की टीम ने करीब 30 मिनट की मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया, लेकिन तब तक पब का बड़ा हिस्सा जलकर खाक हो चुका था।
धुएं से बचने के लिए टॉयलेट में छिपे लोग

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, बिजली गुल होने से पहले मंच के पास लगे सर्किट ब्रेकर से धुआं निकलता दिखाई दिया। इसके कुछ ही क्षण बाद तेज धमाका हुआ और पूरा पब धुएं से भर गया। जान बचाने के लिए कई लोग इमारत के पीछे स्थित टॉयलेट में छिप गए, जहां धुएं और दम घुटने के कारण उनकी मौत हो गई।
आपातकालीन निकास पर भी जांच
बैंकॉक के गवर्नर चाडचार्ट सित्तिपुंत ने बताया कि पब की छत पर लगी ज्वलनशील सजावट के कारण आग तेजी से फैल सकती है। उन्होंने कहा कि इमरजेंसी एग्जिट के पास कई लोग बेहोश मिले, जिससे आशंका है कि बाहर निकलने का रास्ता बाधित था। इसकी पुष्टि फॉरेंसिक जांच के बाद ही होगी।
राहगीरों ने बचाई कई लोगों की जान
एक मोटरसाइकिल चालक ने बताया कि उसने जलते हुए पब से करीब पांच लोगों को बाहर निकाला और उनके शरीर पर लगी आग कपड़ों की मदद से बुझाई। वहीं, एक अन्य प्रत्यक्षदर्शी ने खिड़कियां तोड़कर दो लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला।
पहले भी हो चुके हैं ऐसे हादसे
थाईलैंड में इससे पहले भी कई बड़े अग्निकांड हो चुके हैं। वर्ष 2022 में बैंकॉक के दक्षिण में एक पब में आग लगने से 22 लोगों की मौत हुई थी। वहीं 2009 में सैंटिका नाइटक्लब में नए साल के जश्न के दौरान लगी आग में 66 लोगों की जान चली गई थी। 2024 में चातुचक मार्केट में शॉर्ट सर्किट से लगी आग में करीब 1,000 जानवरों की मौत हुई थी।
पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल को सील कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि हादसे के वास्तविक कारणों का पता विस्तृत जांच रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा।





