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भोपाल। अगर सड़क पर कोई पुलिस की स्टिकर लगी बाइक पर आए, कमर में पिस्टल हो और खुद को थाने का पुलिसकर्मी बताकर आपके वाहन के कागज मांगने लगे, तो शायद आप भी रुक जाएंगे। भोपाल में गुरुवार रात कुछ ऐसा ही हुआ, लेकिन लोगों की सतर्कता ने दो शातिर युवकों का पूरा खेल बिगाड़ दिया।
पुलिस बनकर कर रहे थे ‘चेकिंग’
शाहपुरा थाना क्षेत्र के शैतान सिंह चौराहे पर दो युवक पुलिस का रौब झाड़ते हुए वाहन चालकों को रोक रहे थे। वे खुद को कोहेफिजा थाने का पुलिसकर्मी बताकर हेलमेट और दस्तावेज चेक करने के नाम पर लोगों को डरा रहे थे। पुलिस का स्टीकर लगी बाइक और कमर में नकली पिस्टल देखकर कई लोग उन्हें असली पुलिस समझ बैठे।

एक सवाल… और खुल गई पूरी कहानी
काफी देर तक दोनों का ड्रामा चलता रहा, लेकिन तभी कुछ लोगों ने उनसे पहचान पत्र दिखाने को कहा। बस यहीं से दोनों घबरा गए। कोई आईडी नहीं दिखा सके तो लोगों का शक यकीन में बदल गया। देखते ही देखते भीड़ जमा हो गई और दोनों को घेर लिया। सूचना मिलते ही शाहपुरा पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों को हिरासत में ले लिया।
नकली पिस्टल, असली गिरफ्तारी
थाने में जांच के दौरान उनकी पिस्टल नकली निकली। पुलिस ने दोनों के खिलाफ धोखाधड़ी, फर्जी पुलिसकर्मी बनकर लोगों को गुमराह करने और वसूली के प्रयास सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया है।

पढ़े-लिखे निकले आरोपी
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान दमोह निवासी अमान खान और रीवा निवासी कार्तिक मिश्रा के रूप में हुई है। अमान एमबीए कर चुका है, जबकि कार्तिक भोपाल के एक निजी कॉलेज से बीए-एलएलबी की पढ़ाई कर रहा है। दोनों अशोका गार्डन इलाके में किराए के मकान में साथ रहते थे।
अब खुलेंगे और राज?
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि क्या दोनों पहले भी इसी तरह फर्जी पुलिस बनकर लोगों से वसूली कर चुके हैं। आरोपियों से पूछताछ जारी है और उनके मोबाइल, संपर्कों तथा पुराने रिकॉर्ड की जांच की जा रही है। यदि जांच में अन्य वारदातें सामने आती हैं तो मामले में और धाराएं भी बढ़ाई जा सकती हैं।





