6 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट; 2-3 दिन में पूरे प्रदेश को कवर करेगा मानसून
drnewsindia.com/भोपाल, 25 जून 2026। मध्य प्रदेश में आखिरकार दक्षिण-पश्चिम मानसून की एंट्री हो गई है। मौसम विभाग ने प्रदेश के दक्षिण-पूर्वी हिस्से के 15 जिलों में मानसून पहुंचने की आधिकारिक घोषणा कर दी है। छिंदवाड़ा, बालाघाट, मंडला, सिवनी और आसपास के जिलों में पिछले 24 घंटों के दौरान हुई अच्छी बारिश और नमी वाली मानसूनी हवाओं के आधार पर यह घोषणा की गई।

मौसम विभाग के अनुसार अगले 2 से 3 दिनों में मानसून पूरे मध्य प्रदेश को कवर कर लेगा। गुरुवार को प्रदेश के 46 जिलों में तेज आंधी और बारिश की संभावना जताई गई है। वहीं सीधी जिले में लू चलने की चेतावनी जारी की गई है, जबकि नीमच, मंदसौर, ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, रीवा और सिंगरौली में उमस भरी गर्मी लोगों को परेशान कर सकती है।

इन 15 जिलों में पहुंच चुका है मानसून
आलीराजपुर, इंदौर, हरदा, धार, बैतूल, खंडवा, बुरहानपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, खरगोन, सिवनी, बालाघाट, मंडला, बड़वानी और डिंडौरी जिलों में मानसून की एंट्री दर्ज की गई है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि ग्वालियर-चंबल संभाग में सबसे आखिर में मानसून पहुंचेगा।

9 दिन की देरी से आया मानसून
मध्य प्रदेश में मानसून की सामान्य आगमन तिथि 15 जून मानी जाती है, लेकिन इस वर्ष मानसून 24 जून को पहुंचा, यानी यह करीब 9 दिन देरी से आया है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक किसी क्षेत्र में मानसून की घोषणा केवल बारिश के आधार पर नहीं की जाती, बल्कि लगातार वर्षा, नमी वाली हवाओं और मौसमीय परिस्थितियों के विश्लेषण के बाद आधिकारिक घोषणा होती है।
इस साल सामान्य से कम बारिश की आशंका

भारतीय मौसम विभाग (IMD) के पूर्वानुमान के अनुसार भोपाल, इंदौर, जबलपुर समेत प्रदेश के अधिकांश जिलों में इस वर्ष सामान्य से कम वर्षा हो सकती है। प्रदेश में औसत 37.3 इंच बारिश के मुकाबले 30 से 32 इंच वर्षा होने का अनुमान है।
अब तक 50 प्रतिशत कम बारिश

1 जून से 24 जून तक मध्य प्रदेश में औसतन 84.8 मिमी वर्षा होनी चाहिए थी, लेकिन केवल 42 मिमी बारिश दर्ज की गई है। यह सामान्य से लगभग 50 प्रतिशत कम है। इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर सहित 48 जिलों में वर्षा का आंकड़ा सामान्य से नीचे बना हुआ है।
इन जिलों में रही कम बारिश

अनूपपुर, बालाघाट, छतरपुर, छिंदवाड़ा, दमोह, डिंडौरी, जबलपुर, कटनी, मैहर, मंडला, मऊगंज, नरसिंहपुर, निवाड़ी, पांढुर्णा, पन्ना, रीवा, सागर, सतना, सिवनी, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़, उमरिया, आलीराजपुर, बड़वानी, बैतूल, भिंड, बुरहानपुर, दतिया, देवास, धार, ग्वालियर, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, खरगोन, मुरैना, नर्मदापुरम, रायसेन, राजगढ़, रतलाम, शाजापुर, सीहोर, शिवपुरी, उज्जैन और विदिशा।
इन जिलों में सामान्य से अधिक बारिश

भोपाल, अशोकनगर, आगर-मालवा, गुना, मंदसौर, नीमच और श्योपुर जिलों में अब तक सामान्य से अधिक वर्षा दर्ज की गई है।
किसानों के लिए राहत की खबर

मानसून की दस्तक के साथ खरीफ फसलों की बुवाई को गति मिलने की उम्मीद है। कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है कि पर्याप्त नमी बनने के बाद ही सोयाबीन, मक्का और अन्य खरीफ फसलों की बुवाई करें ताकि बेहतर उत्पादन मिल सके।

फिलहाल मौसम विभाग ने अगले 72 घंटों के दौरान प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में गरज-चमक, तेज हवाओं और बारिश की गतिविधियां बढ़ने का अनुमान जताया है।





