drnewsindia.com
सीहोर। मानसून की शुरुआत के साथ ही नदी-नालों और जलप्रपातों पर बढ़ने वाले हादसों को रोकने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद हो गया है। कलेक्टर श्री बालागुरु के. के निर्देशानुसार, सीहोर जिले के सभी वॉटरफॉल, डैम और जल पर्यटन स्थलों पर भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश लागू कर दिए गए हैं।
शनिवार को नियमों का उल्लंघन कर जोखिमभरे पर्यटन स्थलों पर पहुंचे सैलानियों के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया।
🛑 दिगंबर वॉटरफॉल पर एक्शन: भोपाल के पर्यटकों को दी समझाइश
वर्षाकाल में सीहोर के साथ-साथ राजधानी भोपाल से भी बड़ी संख्या में लोग यहाँ के प्राकृतिक स्थलों का रुख करते हैं। शनिवार को ऐसी ही एक स्थिति देखने को मिली:
- प्रशासनिक मुस्तैदी: नायब तहसीलदार श्री रामलोचन तिवारी के नेतृत्व में टीम ने दिगंबर वॉटरफॉल पर चेकिंग अभियान चलाया।
- सैलानियों की वापसी: भोपाल से पिकनिक मनाने आए 15 से अधिक पर्यटकों को रोककर संभावित हादसों और प्रतिबंधात्मक आदेशों का हवाला दिया गया।
- सुरक्षा पहली प्राथमिकता: टीम ने सभी सैलानियों को समझाइश देकर मौके से ही वापस सुरक्षित लौटा दिया।

👮 मैदानी अमले की तैनाती: 24 घंटे रखी जा रही है नजर
हादसों की आशंका को देखते हुए जिला प्रशासन ने रिस्की पॉइंट्स पर सुरक्षा घेरा कड़ा कर दिया है। इन प्रतिबंधित क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था के लिए संयुक्त टीमें लगाई गई हैं:
- 🏢 राजस्व विभाग (Revenue Department)
- 🌲 वन विभाग (Forest Department)
- 🚨 पुलिस प्रशासन (Local Police)
यह अमला लगातार गश्त कर पर्यटकों को प्रतिबंधित क्षेत्रों में जाने से रोक रहा है और उन्हें सुरक्षा के प्रति जागरूक कर रहा है।

📢 प्रशासन की अपील: जीवन और सुरक्षा सबसे ऊपर
“नागरिकों का जीवन और उनकी सुरक्षा हमारे लिए सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी नागरिकों और बाहर से आने वाले पर्यटकों से अपील है कि वे अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन के आदेशों का सख्ती से पालन करें और प्रतिबंधित जल-स्थलों की ओर न जाएं।” — जिला प्रशासन, सीहोर
👉 सीहोर जिले की हर छोटी-बड़ी और जरूरी प्रशासनिक खबरों के लिए जुड़े रहिए हमारे डिजिटल पोर्टल drnewsindia.com के साथ।




