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लखनऊ (राजनीतिक ब्यूरो)। उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनावों को फतह करने के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अभी से अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। प्रदेश संगठन की नई टीम के गठन के बाद अब पार्टी चुनावी तैयारियों को धार देने में जुट गई है। इस रणनीति के तहत सबसे बड़ा फोकस उन सीटों पर है, जहां पिछले चुनाव में भाजपा को हार का सामना करना पड़ा था।
इसी कड़ी में रविवार को लखनऊ स्थित पार्टी के प्रदेश मुख्यालय में एक हाई-लेवल बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी और महामंत्री संगठन धर्मपाल सिंह ने अवध, गोरखपुर और कानपुर क्षेत्र की हारी हुई सीटों को दोबारा जीतने के लिए क्षेत्रीय पदाधिकारियों के साथ महामंथन किया।
🎯 ‘हारी हुई सीटों’ को जीतने का नया प्लान: बूथ स्तर तक होगी सर्जिकल स्ट्राइक
पार्टी आलाकमान ने हारी हुई सीटों का गणित बदलने के लिए जमीनी स्तर पर एक बेहद कारगर रणनीति तैयार की है:
- विधानसभावार प्रभारियों की नियुक्ति: बैठक में तय हुआ है कि हर उस विधानसभा सीट पर, जहां भाजपा हारी थी, एक विशेष प्रभारी नियुक्त किया जाएगा।
- जमीनी फीडबैक और मुद्दों की पड़ताल: ये प्रभारी सीधे अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों में जाएंगे। वहां जाकर जिला, मंडल और बूथ स्तर तक के संगठन की समीक्षा करेंगे। वे स्थानीय मुद्दों और मतदान के पैटर्न के बारे में बारीक फीडबैक जुटाकर सीधे शीर्ष नेतृत्व को सौंपेंगे।
- संगठन में बड़ा फेरबदल संभव: प्रभारियों से मिलने वाले फीडबैक और जरूरत के आधार पर स्थानीय स्तर पर संगठन को मजबूत बनाने और उसमें जरूरी बदलाव करने की कार्रवाई भी की जाएगी।
- जनता के बीच रहने के निर्देश: सभी क्षेत्रीय पदाधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे हारी हुई सीटों पर जनता के बीच अपनी मौजूदगी बढ़ाएं और उनके स्थानीय मुद्दों को तुरंत सुलझाएं।

🗓️ अगले सप्ताह लखनऊ आएंगे भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन! सीएम योगी से हो सकती है मुलाकात
यूपी में संगठन की नई टीम की घोषणा और चुनावी तैयारियों के बीच दिल्ली से भी बड़ी हलचल शुरू हो गई है:
- दो दिवसीय दौरा: भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन जुलाई के पहले सप्ताह (संभावित तारीखें 3 और 4 जुलाई) में लखनऊ के दो दिवसीय दौरे पर आ रहे हैं।
- मैराथन बैठकों का दौर: सूत्रों के मुताबिक, राष्ट्रीय अध्यक्ष अपने इस दौरे में प्रदेश संगठन के नेताओं, नई टीम और विभिन्न अनुषांगिक (संबद्ध) संगठनों के साथ अलग-अलग समीक्षा बैठकें करेंगे।
- सीएम योगी और आरएसएस के साथ समन्वय: इस दौरे के दौरान नितिन नबीन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के वरिष्ठ पदाधिकारियों से भी मुलाकात कर सकते हैं। राजनीतिक पंडितों का मानना है कि नई टीम के गठन के बाद उनका यह दौरा यूपी की भावी चुनावी दिशा तय करने में बेहद अहम साबित होगा।




