drnewsindia.com / डिजिटल डेस्क, मेरठ। इंसानियत और सच्ची दोस्ती धर्म, जाति और मज़हब की सीमाओं से बहुत परे होती है—इस बात को सच साबित कर दिखाया है उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले के फलावदा कस्बे (होली चौक) के रहने वाले 21 वर्षीय मुस्लिम युवक शाकिर ने।
कांवड़ यात्रा 2026 के दौरान शाकिर ने अपने गहरे दोस्त मिंटू के साथ मिलकर हरिद्वार से 251 लीटर गंगाजल की भारी-भरकम कांवड़ उठाकर सांप्रदायिक सौहार्द्र और भाईचारे की एक अनूठी व खूबसूरत मिसाल पेश की है।
दोस्ती और इंसानियत के आगे फीकी पड़ीं धर्म की दीवारें
दोनों दोस्तों की यह यात्रा सिर्फ धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज के लिए एकता और मोहब्बत का एक मजबूत पैगाम भी है। यात्रा के दौरान अपने विचार साझा करते हुए शाकिर और मिंटू ने कहा:
“मानवता ही सबसे बड़ा धर्म है। हमारी दोस्ती किसी मज़हब या जाति के दायरे में नहीं बंध सकती। यह हर तरह की दीवारों से बहुत ऊपर है।”

शाकिर का यह पहला प्रयास नहीं: लगातार दूसरे साल मिसाल
- वर्ष 2025: पिछले साल शाकिर ने 101 लीटर गंगाजल की कांवड़ उठाकर शिव मंदिरों में जलाभिषेक किया था।
- वर्ष 2026 (वर्तमान): इस बार उन्होंने अपने दोस्त मिंटू के साथ मिलकर आस्था का दायरा और बढ़ाते हुए 251 लीटर गंगाजल की कांवड़ उठाकर यात्रा पूरी की।
खबर के मुख्य बिंदु (Highlights)
- स्थान व पहचान: शाकिर (21 वर्ष), निवासी- होली चौक, फलावदा कस्बा, मेरठ (उत्तर प्रदेश)।
- सहयोगी: उनका हिंदू मित्र, मिंटू।
- गंगाजल की मात्रा: 251 लीटर।
- मुख्य संदेश: इंसानियत सबसे बड़ा मज़हब है और आपसी भाईचारा ही देश की असली ताकत है।




