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कोलकाता। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर पश्चिम बंगाल की ऐतिहासिक और पवित्र धरती कोलकाता के रेड रोड से पूरे विश्व को संबोधित किया. इस खास मौके पर रेड रोड पर हजारों की संख्या में जनसैलाब उमड़ा. पीएम मोदी ने कहा कि योग अब सिर्फ हमारी व्यक्तिगत जीवनशैली (Personal Lifestyle) का हिस्सा नहीं रह गया है, बल्कि यह पूरे विश्व के लिए एक बड़ी जरूरत बन चुका है.
उन्होंने आगे कहा, “अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के कारण आज 21 जून का यह दिन विश्व के सबसे बड़े सामूहिक उत्सव का दिन बन गया है. विश्व के अलग-अलग हिस्सों से योग की अद्भुत तस्वीरें आ रही हैं और पूरा विश्व एक-दूसरे से जुड़ा हुआ दिख रहा है. यही योग की असली ताकत है.”
📢 पीएम मोदी के संबोधन की 4 बड़ी बातें
प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में इस बात पर विशेष जोर दिया कि आधुनिक समय में जीवन के असंतुलन से निपटने के लिए योग कितना आवश्यक है:
1. 50 की उम्र में 30 जैसी ऊर्जा होना जरूरी (Healthy Aging)
इस साल योग दिवस की थीम ‘योगा फॉर हेल्दी एजिंग’ (Yoga for Healthy Aging) रखी गई है. पीएम ने कहा कि जब हम उम्र बढ़ने के साथ सेहतमंद रहने के लिए योग की बात करते हैं, तो इसका मतलब है कि उम्र बढ़ने से हमारी कार्यक्षमता कम नहीं होनी चाहिए. हमारी कोशिश होनी चाहिए कि हम:
- 40 की उम्र में 20 वर्ष जैसे लचीले रहें.
- 50 की उम्र में 30 वर्ष के युवाओं जैसी ऊर्जा से भरे रहें.
- 70 की उम्र में 50 वर्ष जैसा दिखें और पूरी तरह स्वस्थ रहें.
इसलिए इस थीम को सिर्फ बुजुर्गों के लिए नहीं, बल्कि हर आयु वर्ग के लोगों के लिए देखा जाना चाहिए.
2. योग सबको जोड़ता और साथ लाता है
पीएम मोदी ने कहा कि आज दुनिया भर से योग की खूबसूरत तस्वीरें सामने आ रही हैं. पूरा देश और विश्व योग की सकारात्मक ऊर्जा के चैतन्य से सराबोर है. यह कला भौगोलिक सीमाओं को पार कर पूरे विश्व को एक सूत्र में पिरोती है, क्योंकि योग सबको जोड़ता है और साथ लाता है.
3. यह केवल शारीरिक श्रम नहीं, बल्कि सबके लिए है
विवेकानंद और लाहिड़ी महाशय जैसे महान योगियों की भूमि बंगाल को नमन करते हुए पीएम ने कहा कि योग केवल शारीरिक श्रम या कसरत का कोई साधन नहीं है. यह किसी एक निश्चित आयु वर्ग के लिए सीमित नहीं है, बल्कि मानव जीवन की चेतना और ऊर्जा का एक दिव्य प्रकाश है जो सबके लिए है. जब योग हमारे दैनिक स्वभाव में आ जाता है, तो यह मानवीय एकता का सबसे बड़ा आधार बन जाता है.
4. मानसिक स्वास्थ्य और संतुलित जीवन की कला
आज के आधुनिक और भागदौड़ भरे समय में लोग जीवन के असंतुलन और तनाव से लगातार जूझ रहे हैं. योग हमें एक संतुलित (Balanced) जीवन जीने की अद्भुत कला सिखाता है. जब हम अपने शरीर और सांसों को सही तरीके से चलाना सीख लेते हैं, तो अच्छी सेहत हमारा स्वभाव बन जाती है. योग केवल शरीर के स्वास्थ्य के लिए नहीं, बल्कि हमारे मानसिक स्वास्थ्य (Mental Health) का भी सच्चा मार्ग दिखाता है.

🎖️ देश और दुनिया में योग दिवस की बड़ी हलचलें (Live Highlights)
- लद्दाख में पैंगोंग त्सो के किनारे योग: भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) की 47वीं बटालियन के वीर जवानों ने लद्दाख में पैंगोंग त्सो झील के किनारे हाड़ कपा देने वाली ठंड के बीच योग किया.
- दिग्गजों की सहभागिता: गृह मंत्री अमित शाह ने अहमदाबाद में, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शिलांग में, और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने दिल्ली में योग किया. नड्डा ने कहा कि योग लंबे समय तक काम करने की ऊर्जा प्रदान करता है.
- वीआईपी और सेलिब्रिटीज: ओलंपिक मेडलिस्ट नीरज चोपड़ा और बॉलीवुड एक्ट्रेस शिल्पा शेट्टी ने गुरुग्राम में एक साथ योगाभ्यास किया. वहीं तेलंगाना के सीएम चंद्रबाबू नायडू ने विजयवाड़ा में योग गुरु स्वामी रामदेव के साथ मंच साझा किया.
- ग्लोबल जन-आंदोलन: आज दुनिया के 190 से ज्यादा देशों में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया जा रहा है, जिसे दुनिया के सबसे बड़े सामूहिक स्वास्थ्य और वेलनेस अभियानों में से एक माना जाता है.
🛫 रेड रोड: जहां आज योग हुआ, वहां कभी उतरते थे युद्धक विमान
जिस रेड रोड पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हजारों लोगों के साथ योग किया, उसका इतिहास बेहद दिलचस्प और गौरवशाली है:
- ऐतिहासिक सड़क: फोर्ट विलियम से ईडन गार्डन्स तक फैली इस सड़क का निर्माण करीब 1820 में हुआ था और शुरुआती दौर में इसे ‘सेरेब्रल वॉक’ या ‘लेडीज माइल’ कहा जाता था, जहां यूरोपीय महिलाएं सैर करने आती थीं. सड़क पर लाल रंग की ईंटों के टुकड़े बिछाए जाने के कारण इसका नाम ‘रेड रोड’ पड़ा, हालांकि 1985 में इसका नाम बदलकर ‘इंदिरा गांधी सरणी’ कर दिया गया था.
- द्वितीय विश्व युद्ध की एयरस्ट्रिप: सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि द्वितीय विश्व युद्ध (1941-1945) के दौरान जापानी हवाई हमलों के खतरे को देखते हुए इस सड़क को एक अस्थायी रनवे (एयरस्ट्रिप) में बदल दिया गया था. यहाँ मित्र देशों के लड़ाकू विमान (Warplanes) उड़ान भरते और लैंड करते थे.

📌 योग से जुड़े कुछ दिलचस्प और वैज्ञानिक फैक्ट्स (Quick Guide)
| विषय / आसन | मेडिकल साइंस और योग परंपरा के रोचक तथ्य |
| 21 जून ही क्यों? | यह उत्तरी गोलार्ध में साल का सबसे लंबा दिन होता है. मान्यता है कि इसी दिन भगवान शिव ने सप्तऋषियों को योग का पहला ज्ञान दिया था. |
| शुरुआत का इतिहास | पीएम मोदी ने 2014 में संयुक्त राष्ट्र (UN) में इसका प्रस्ताव रखा था, जिसे रिकॉर्ड 177 देशों का समर्थन मिला. पहला योग दिवस 21 जून 2015 को मनाया गया था. |
| सही समय क्या है? | मेडिकल साइंस (ACSM & NCCIH) के अनुसार सुबह खाली पेट योग करना सबसे बेस्ट है, क्योंकि सुबह कॉर्टिसोल लेवल हाई होने से एनर्जी मिलती है और खाना खाने के तुरंत बाद योग करने से एसिडिटी हो सकती है. |
| वज्रासन का फैक्ट | 200 से अधिक आधुनिक आसनों में ‘वज्रासन’ एकमात्र ऐसा आसन है, जिसे भोजन करने के तुरंत बाद भी किया जा सकता है क्योंकि यह पाचन क्रिया को तेज करता है. |
| शवासन की चुनौती | यह देखने में सबसे आसान और सीधा लगता है, लेकिन मन और विचार को पूरी तरह शांत रखने की कला के कारण इसे सबसे कठिन आसनों में गिना जाता है. |
Source: दूरदर्शन लाइव ब्रॉडकास्ट रेड रोड कोलकाता / संयुक्त राष्ट्र संघ न्यूयोर्क प्रेस रिलीज (21 जून 2026)




