रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय का 36वां दीक्षांत समारोह: राष्ट्रपति मुर्मू ने मेधावियों को सौंपे मेडल, कहा- ‘डिग्री को राष्ट्र निर्माण का माध्यम बनाएं’

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राष्ट्रपति मुर्मू ने मेधावियों को सौंपे मेडल, कहा- 'डिग्री को राष्ट्र निर्माण का माध्यम बनाएं'

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भोपाल/जबलपुर। रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय (RDVV), जबलपुर का 36वां दीक्षांत समारोह रविवार को देश की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू की गरिमामयी मौजूदगी में संपन्न हुआ। इस अवसर पर मध्य प्रदेश के राज्यपाल मंगुभाई पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।

दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में बोलते हुए राष्ट्रपति मुर्मू ने शिक्षा के वास्तविक मायने समझाए और विद्यार्थियों से अपनी डिग्री का उपयोग देश की प्रगति के लिए करने का आह्वान किया।

💡 मुख्य बिंदु: जो आपको जानना जरूरी है

  • मुख्य अतिथि: राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू
  • आयोजन: रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय का 36वां दीक्षांत समारोह (जबलपुर)
  • उपलब्धि: 182 शोधार्थियों को PhD की उपाधियां दी गईं।
  • मेडल वितरण: एक से अधिक स्वर्ण पदक अर्जित करने वाले 20 छात्र-छात्राओं को राष्ट्रपति ने स्वयं मेडल प्रदान किए।

🏛️ “शिक्षण संस्थान केवल डिग्री देने के केंद्र नहीं” – राष्ट्रपति मुर्मू

समारोह को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने कहा:

“शिक्षण संस्थान केवल डिग्री देने के केंद्र नहीं हैं, बल्कि ये नवाचार (Innovation), अनुसंधान, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और रचनात्मक सोच के विकास के प्रमुख केंद्र होते हैं। आधुनिकता और परंपरा के संतुलन से ही देश का समग्र विकास संभव है।”

उन्होंने विश्वविद्यालयों को याद दिलाया कि विद्यार्थियों में भारतीय संस्कृति, परंपरा और भाषाओं के प्रति सम्मान का भाव विकसित करना भी उनकी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। उन्होंने छात्रों से अपील की कि वे अपनी डिग्री को महज नौकरी पाने का जरिया न समझें, बल्कि इसे राष्ट्र निर्माण और समाज सेवा का माध्यम बनाएं।

👥 राज्यपाल और मुख्यमंत्री के प्रमुख संबोधन

विश्वविद्यालय के इस ऐतिहासिक दिन पर प्रदेश के मुखिया और कुलाधिपति ने भी युवाओं का मार्गदर्शन किया:

📍 राज्यपाल मंगुभाई पटेल: “हर विवि 5-5 पिछड़े ग्रामों को गोद ले”

राज्यपाल एवं कुलाधिपति मंगुभाई पटेल ने दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए विश्वविद्यालयों के सामने एक अनूठी पहल रखी।

  • ग्रामीण विकास पर जोर: उन्होंने प्रत्येक विश्वविद्यालय से 5-5 पिछड़े गांवों को गोद लेने का आग्रह किया।
  • जमीनी अनुभव: राज्यपाल ने कहा कि विद्यार्थी स्वयं इन गांवों में जाएं, वहां की परिस्थितियों को समझें और यह अनुभव करें कि जनजातीय समाज और ग्रामीण क्षेत्रों के विकास के लिए किन-किन क्षेत्रों में काम करने की जरूरत है।

📍 मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव: “यह स्वाभिमान और बलिदान का प्रतीक है”

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बेटियों की सफलता पर खुशी जताते हुए कहा कि आज हमारी बेटियां प्रदेश का नाम रोशन कर रही हैं।

  • गौरवशाली इतिहास: सीएम ने कहा, “यह विश्वविद्यालय केवल उच्च शिक्षा का संस्थान नहीं है। यह वीरता, स्वाभिमान और बलिदान की उस गौरवशाली परंपरा का प्रतीक है, जिसे अमर वीरांगना रानी दुर्गावती ने अपने साहस से स्थापित किया था।”
  • भविष्य की उम्मीद: उन्होंने विश्वास जताया कि यहाँ से निकलने वाली प्रतिभाएं देश और समाज के विकास में मील का पत्थर साबित होंगी।

📸 दीक्षांत समारोह की झलकियां (Highlights)

विवरणआंकड़े/विशेष
कुल पीएचडी (PhD) उपाधियां182 शोधार्थियों को प्रदान की गईं
स्वर्ण पदक विजेता (Multiple Medals)20 मेधावी छात्र-छात्राओं को राष्ट्रपति के हाथों सम्मान
विशेष आकर्षणबेटियों का उत्कृष्ट प्रदर्शन और एक से अधिक मेडल जीतना

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