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रायसेन: जिले में गुरुवार रात आए भीषण आंधी-तूफान ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। करीब 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली हवाओं के कारण शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक बिजली के खंभे और पेड़ धराशाई हो गए, जिससे रात भर कई क्षेत्र अंधेरे में डूबे रहे।
भीषण आंधी और ‘ब्लैकआउट’
गुरुवार रात 11 बजे अचानक मौसम बदला और तेज आंधी शुरू हो गई। लगभग 15 मिनट तक चले इस कुदरती तांडव ने भारी नुकसान पहुंचाया:
- बिजली संकट: ग्रामीण इलाकों में बिजली के पोल गिरने से सप्लाई ठप हो गई।
- छप्पर उड़े: आंधी इतनी तेज थी कि कई कच्चे घरों के छप्पर और टीन शेड हवा में उड़ गए।
- पेड़ गिरे: उदयपुरा ब्लॉक के एक स्कूल परिसर में वर्षों पुराना विशाल पेड़ गिर गया। राहत की बात यह रही कि उस समय वहां कोई मौजूद नहीं था।
गर्मी से मिली बड़ी राहत
इस बारिश और आंधी के कारण तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे भीषण लू का सामना कर रहे लोगों को सुकून मिला है:
- दिन का तापमान: 43°C से गिरकर 40°C पर पहुंचा।
- रात का तापमान: 29°C से सीधे 21°C पर आ गया (8 डिग्री की गिरावट)।

किसानों और व्यापारियों की बढ़ी धड़कनें
जहां आम जनता को गर्मी से राहत मिली, वहीं किसानों के लिए यह मौसम मुसीबत बन गया है।
- अनाज की बर्बादी: सरकारी उपार्जन केंद्रों और कृषि उपज मंडी में खुले में रखा हजारों क्विंटल गेहूं भीगने की कगार पर है।
- सुरक्षा की मशक्कत: व्यापारी और किसान देर रात तक अपनी उपज को तिरपाल से ढकने और सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की जद्दोजहद करते नजर आए।

अगले कुछ दिन और रहेगा असर
मौसम विभाग ने आगामी कुछ दिनों के लिए भी गरज-चमक के साथ बूंदाबांदी का अलर्ट जारी किया है। प्रशासन ने किसानों को अनाज सुरक्षित रखने और नागरिकों को खराब मौसम के दौरान पेड़ों या बिजली के खंभों से दूर रहने की सलाह दी है।




