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नई दिल्ली: भारत में बागवानी (Horticulture) के क्षेत्र में इस साल बंपर पैदावार होने की उम्मीद है। कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी साल 2025-26 के दूसरे अग्रिम अनुमानों (Second Advance Estimates) के मुताबिक, देश में बागवानी उत्पादन लगभग 3,778 लाख टन होने का अनुमान लगाया गया है। यह पिछले साल (2024-25) के मुकाबले 70.39 लाख टन अधिक है, जो भारतीय कृषि और किसानों के लिए एक बड़ी उपलब्धि है।
खेती के रकबे में भी हुआ इजाफा
मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार, देश में न सिर्फ उत्पादन बढ़ा है बल्कि बागवानी फसलों की खेती का दायरा (Area) भी बढ़ा है।
- साल 2025-26 में बागवानी फसलों का कुल रकबा बढ़कर 301.51 लाख हेक्टेयर तक पहुंचने की संभावना है।
- पिछले साल (2024-25) की तुलना में इसमें 0.14 लाख हेक्टेयर की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

फल, सब्जी और फूलों की बंपर पैदावार की उम्मीद
कृषि मंत्रालय ने बताया कि इस बार फलों, सब्जियों, फूलों के साथ-साथ सुगंधित (Aromatic) और औषधीय (Medicinal) फसलों के उत्पादन में भी शानदार तेजी देखने को मिलेगी।
1. फलों का उत्पादन (Fruit Production):
देश में फलों का कुल उत्पादन 1,214 लाख टन से अधिक होने का अनुमान है। इस बढ़ोतरी के पीछे मुख्य रूप से इन फलों की बंपर पैदावार जिम्मेदार है:
- केला (Banana)
- आम (Mango)
- पपीता (Papaya)
- सेब (Apple)
- अमरूद (Guava)
2. प्याज का उत्पादन (Onion Production):
घरेलू बाजारों में प्याज की उपलब्धता और कीमतों के लिहाज से एक अच्छी खबर है। साल 2025-26 में प्याज का उत्पादन 307 lakh tonnes (307 लाख टन) से अधिक रहने की उम्मीद जताई गई है।

3. फूलों की खेती (Flower Production):
सजावटी और व्यावसायिक फूलों की खेती करने वाले किसानों के लिए भी यह साल बेहतर रहेगा। इस अवधि के दौरान देश में फूलों का कुल उत्पादन 45 लाख टन से अधिक होने का अनुमान लगाया गया है।
क्या कहते हैं विशेषज्ञ?
कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि आधुनिक तकनीकों के इस्तेमाल, बेहतर बीजों की उपलब्धता और मौसम की अनुकूलता के कारण बागवानी फसलों के उत्पादन में यह उछाल देखने को मिल रहा है। उत्पादन में इस बढ़ोतरी से न केवल किसानों की आमदनी बढ़ेगी, बल्कि बाजारों में फलों और सब्जियों की कीमतें भी नियंत्रण में रहेंगी।





