लखनऊ कोचिंग सेंटर व एनीमेशन स्टूडियो में भीषण अग्निकांड: दम घुटने से 15 की मौत, कई घायल; सीएम योगी और राजनाथ सिंह पहुंचे

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लखनऊ। राजधानी लखनऊ के अलीगंज क्षेत्र से सोमवार दोपहर एक बेहद हृदयविदारक घटना सामने आई है। यहाँ एक तीन मंजिला व्यावसायिक इमारत में स्थित पेट शॉप, लाइब्रेरी और 3D एनीमेशन स्टूडियो में भीषण आग लग गई। इस दर्दनाक हादसे में 15 लोगों (12 पुरुष और 3 महिलाएं) की मौत हो चुकी है, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से झुलस गए हैं। मृतकों में अधिकांश युवा छात्र और कर्मचारी शामिल हैं, जिनकी उम्र 25 से 30 वर्ष के बीच है।

शुरुआती जांच में डॉक्टरों का कहना है कि इमारत में इमरजेंसी एग्जिट (आपातकालीन निकास) न होने और थंब इंप्रेशन (बायोमेट्रिक) गेट लॉक हो जाने के कारण लोग अंदर ही फंस गए और अधिकांश मौतें दम घुटने (सफोकेशन) के कारण हुईं।

कैसे भड़की आग? चश्मदीदों की जुबानी

इमारत की जमीनी मंजिल (बेसमेंट) में एक पेट शॉप और गोदाम संचालित था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोपहर करीब 3:00 बजे बेसमेंट में लगे एसी (AC) में शॉर्ट सर्किट हुआ और बिजली के खंभे से उठी चिंगारी ने पूरी बिल्डिंग को चपेट में ले लिया।

  • तार के सहारे उतरे मासूम: आग इतनी तेजी से फैली कि ऊपरी मंजिल पर मौजूद छात्रों को संभलने का मौका नहीं मिला। कुछ युवाओं ने इमारत की खिड़कियों से तार के सहारे लटककर नीचे कूदकर अपनी जान बचाई।
  • बाथरूम में दुबके, वहीं थम गईं सांसें: कई छात्रों ने खुद को बचाने के लिए वॉशरूम में बंद कर लिया था। धुएं के गुबार के कारण वे वहीं अचेत हो गए। कई बच्चों ने अपने माता-पिता को फोन कर आखरी बार कहा— “पापा आग लग गई है, बाथरूम में हूं, बचा लो।”

दिल दहला देने वाला मंजर: ग्रिल पर कूदा छात्र, डिप्टी सीएम रो पड़े

राहत और बचाव कार्य के लिए एनडीआरएफ (NDRF), एसडीआरएफ (SDRF) और फायर ब्रिगेड की 14 से अधिक गाड़ियां और हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म मौके पर पहुंचे।

  • दीवार तोड़कर घुसे बचावकर्मी: मुख्य रास्ते में भयंकर धुआं होने के कारण फायरकर्मियों ने बगल के मकान की दीवार तोड़ी और भीतर दाखिल हुए।
  • बिल्डिंग से कूदने पर गंभीर चोटें: जान बचाने के लिए दूसरी मंजिल से कूदा एक छात्र नीचे लगी लोहे की नोकदार ग्रिल पर जा गिरा, जिससे उसके पेट में गंभीर चोटें आई हैं।
  • भावुक हुए डिप्टी सीएम: किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) ट्रॉमा सेंटर और घटनास्थल पर पहुंचे प्रदेश के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक शवों की कतार देखकर खुद को रोक नहीं पाए और रो पड़े।

मुख्यमंत्री योगी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह पहुंचे अस्पताल

हादसे की खबर मिलते ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपना अलीगढ़ दौरा बीच में ही छोड़कर तुरंत लखनऊ पहुंचे। उन्होंने KGMU ट्रॉमा सेंटर में घायलों और मृतकों के परिजनों से मुलाकात की।

सीएम योगी का कड़ा रुख: मुख्यमंत्री ने घटना की उच्च स्तरीय जांच के आदेश देते हुए स्पष्ट कहा कि “इस लापरवाही के लिए जो भी प्रशासनिक या निजी अधिकारी जिम्मेदार पाया जाएगा, उसे किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।”

वहीं लखनऊ के सांसद और देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी दिल्ली से सीधे लखनऊ पहुंचे और पीड़ित परिवारों के प्रति गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं। इसके साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी हादसे पर दुख जताते हुए मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता की घोषणा की है।

थंब इंप्रेशन लॉक और अवैध निर्माण ने ली जान

मृतक सुखमणि (23 वर्ष) के दोस्तों ने बताया कि जिस 3D एनीमेशन ऑफिस में वे काम करते थे, उसका मुख्य गेट ‘थंब इंप्रेशन’ (अंगूठे के निशान) से खुलता था। आग लगने के बाद बिजली कट गई और गेट ऑटोमैटिक लॉक हो गया, जिसे खोलने में हुई देरी ने इस हादसे को और ज्यादा खतरनाक बना दिया। जांच में सामने आया है कि यह इमारत रामेश्वरम इंजीनियरिंग कॉलेज के मालिक वीरेंद्र शुक्ला की जमीन पर बनी है, जिसका नक्शा धीरेंद्र और सुरेंद्र शुक्ला के नाम पर है, लेकिन इसमें सुरक्षा मानकों की भारी अनदेखी की गई थी।

वाराणसी में भी फायर विभाग अलर्ट

इस भीषण अग्निकांड के बाद पूरे प्रदेश में हड़कंप मच गया है। घटना के तुरंत बाद वाराणसी के दुर्गाकुंड और साकेत नगर स्थित कई कोचिंग सेंटरों पर फायर डिपार्टमेंट ने छापेमारी कर सुरक्षा इंतजामों की सघन चेकिंग शुरू कर दी है।

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