सिक्किम पुलिस का देश में बढ़ा मान: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने ‘प्रेसीडेंट्स कलर’ से किया सम्मानित, यह गौरव पाने वाला पूर्वोत्तर का तीसरा राज्य बना

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गंगटोक: सिक्किम पुलिस के इतिहास में आज का दिन सुनहरे अक्षरों में दर्ज हो गया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने सिक्किम पुलिस की असाधारण सेवा और समर्पण को सलाम करते हुए उसे प्रतिष्ठित ‘राष्ट्रपति पुलिस ध्वज’ (President’s Colour) से सम्मानित किया है। इस ऐतिहासिक अलंकरण परेड का भव्य आयोजन गंगटोक के पालजोर स्टेडियम में किया गया था।

इस सर्वोच्च सम्मान को प्राप्त करने के साथ ही सिक्किम देश का 15वां राज्य और पूर्वोत्तर (North-East) का तीसरा राज्य बन गया है, जिसे यह गौरव हासिल हुआ है।

“नागरिक-केंद्रित बने पुलिस, कमजोर वर्गों के प्रति दिखाए संवेदनशीलता” — राष्ट्रपति

समारोह को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने पुलिस बल के सामने भविष्य की चुनौतियों और उनकी जिम्मेदारियों का खाका खींचा। उनके संबोधन की मुख्य बातें:

  • सिटिजन-सेंट्रिक दृष्टिकोण: राष्ट्रपति ने पुलिस बल से अधिक नागरिक-केंद्रित (Citizen-Centric) बनने का आग्रह किया, ताकि आम जनता और पुलिस के बीच का भरोसा और मजबूत हो सके।
  • संवेदनशील व्यवहार: उन्होंने विशेष रूप से निर्देश दिए कि पुलिस बल महिलाओं, निर्धनों (गरीबों) और बच्चों के प्रति हमेशा संवेदनशील और मददगार रहे।

💻 साइबर क्राइम और डीपफेक से निपटने का मंत्र

बदलते दौर में अपराध के आधुनिक तौर-तरीकों पर चिंता जताते हुए राष्ट्रपति मुर्मु ने सिक्किम पुलिस को पूरी तरह अपडेट रहने की सलाह दी:

  • तकनीकी चुनौतियों के लिए रहें तैयार: उन्होंने पुलिस को साइबर अपराध (Cyber Crime), ऑनलाइन धोखाधड़ी और डीपफेक (Deepfake) जैसी उभरती और जटिल चुनौतियों से निपटने के लिए खुद को हर समय तैयार रखने को कहा।
  • आधुनिक माध्यमों का उपयोग: राष्ट्रपति ने उम्मीद जताई कि सिक्किम पुलिस अपनी कार्यप्रणाली में सभी आधुनिक तकनीकी माध्यमों और टूल्स का प्रभावी ढंग से उपयोग कर इन अपराधों पर लगाम कसेगी।

इसके साथ ही, राष्ट्रपति ने राज्य में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और प्राकृतिक आपदाओं के समय संकट के असर को कम करने में सिक्किम पुलिस द्वारा निभाई गई जांबाज भूमिका की जमकर सराहना की।

💡 क्या होता है ‘राष्ट्रपति पुलिस ध्वज’?

यह देश के किसी भी पुलिस बल को राष्ट्र की ओर से मिलने वाला सर्वोच्च सम्मान है। यह वीरों को उनकी असाधारण सेवा, अटूट अनुशासन, वीरता और कर्तव्य के प्रति सर्वोच्च समर्पण के लिए प्रदान किया जाता है।

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