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नई दिल्ली: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने परीक्षा मूल्यांकन (Exam Evaluation) का कॉन्ट्रैक्ट देने को लेकर लग रहे गंभीर आरोपों पर अपनी चुप्पी तोड़ी है। बोर्ड ने हैदराबाद की एक निजी कंपनी, कोएम्प्ट एडूटेक (Coept Edutech) को दिए गए कॉन्ट्रैक्ट से जुड़े सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है।
सोशल मीडिया पर जारी एक आधिकारिक बयान में बोर्ड ने इन आरोपों को पूरी तरह से भ्रामक और निराधार बताया है।

डिजिटल मूल्यांकन और नियमों का हवाला: CBSE की सफाई
इस पूरे विवाद पर बोर्ड ने पारदर्शिता का दावा करते हुए मुख्य रूप से तीन बातें सामने रखी हैं:
- वित्तीय नियमों का पालन: बोर्ड ने स्पष्ट किया कि कोएम्प्ट एडूटेक कंपनी को अनुबंधित (Contract) करने की प्रक्रिया में सामान्य वित्तीय नियमों (GFR) का अक्षरशः और पूरी तरह से पालन किया गया है।
- पारदर्शी टेंडर प्रक्रिया: सीबीएसई के अनुसार, बोर्ड परीक्षा-2026 की उत्तर पुस्तिकाओं (Answer Sheets) के डिजिटल मूल्यांकन (Digital Evaluation) के लिए बकायदा सरकारी नियमों के तहत खुली निविदाएं (Tenders) आमंत्रित की गई थीं।
- आरोपों में दम नहीं: बोर्ड ने साफ कहा है कि सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों पर फैलाई जा रही खबरें सच्चाई से कोसों दूर हैं और बोर्ड की छवि को धूमिल करने का प्रयास हैं।





