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सीहोर। ऑल इंडिया ऑर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स (AIOCD) के राष्ट्रव्यापी आह्वान पर बुधवार को सीहोर जिले में दवा विक्रेताओं ने एकजुट होकर उग्र प्रदर्शन किया। ऑनलाइन कंपनियों द्वारा की जा रही अवैध दवा बिक्री के विरोध में जिला मुख्यालय सहित ग्रामीण क्षेत्रों के मेडिकल स्टोर बंद रहे, जिससे दवा कारोबार पूरी तरह ठप नजर आया। प्रदर्शन के बाद दवा व्यापारियों ने प्रशासनिक अधिकारियों को मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।
फर्जी ई-प्रिस्क्रिप्शन से जनस्वास्थ्य को बड़ा खतरा
दवा विक्रेताओं का सीधा आरोप है कि बड़ी ऑनलाइन कंपनियां बिना किसी ठोस कानूनी प्रावधान के धड़ल्ले से दवाएं बेच रही हैं। केमिस्ट एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कहा कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर फर्जी ई-प्रिस्क्रिप्शन (नकली पर्चे) और बिना वैध चिकित्सकीय परामर्श के घर-घर दवाओं की डिलीवरी की जा रही है। यह लापरवाही मरीजों के स्वास्थ्य और जीवन के साथ एक गंभीर खिलवाड़ है, जिस पर तुरंत रोक लगनी चाहिए।
भारी छूट के खेल से छोटे व्यापारियों का अस्तित्व खतरे में
व्यापारियों ने बताया कि ऑनलाइन कंपनियां भारी-भरकम डिस्काउंट (छूट) देकर बाजार में अनैतिक प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा दे रही हैं। इससे सीहोर जिले सहित देशभर के लाखों लाइसेंसधारी छोटे केमिस्टों का व्यापार बुरी तरह प्रभावित हो रहा है और उनके परिवारों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है।
“ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट 1940 में ऑनलाइन दवा बिक्री का कोई स्पष्ट नियम नहीं है। वर्ष 2018 में जारी की गई सरकारी अधिसूचना भी आज के समय में पूरी तरह अप्रासंगिक और निरर्थक साबित हो चुकी है।” – दवा व्यापारी संघ, सीहोर
ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन होगा उग्र
सीहोर के केमिस्टों ने केंद्र और राज्य सरकार से मांग की है कि जनस्वास्थ्य और छोटे व्यापारियों के हितों की रक्षा के लिए ऑनलाइन दवा बिक्री पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया जाए। दवा विक्रेताओं ने साफ चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन और सरकार ने इस गंभीर मुद्दे पर जल्द ही कोई ठोस और दंडात्मक कदम नहीं उठाए, तो आने वाले दिनों में इस आंदोलन को और अधिक उग्र किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।





