सीहोर पुलिस का बड़ा खुलासा: नवोदय बोर्डिंग स्कूल जाने से बचने के लिए 16 साल के किशोर ने रची खुद के अपहरण की कहानी; दीदी को इंस्टाग्राम पर भेजा ₹5 लाख की फिरौती का मैसेज

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drnewsindia.com

Sehore Crime & Cyber Update (05 July 2026): सीहोर जिले के अहमदपुर थाना क्षेत्र से सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ नवोदय बोर्डिंग स्कूल जाने से बचने के लिए एक 16 वर्षीय किशोर ने खुद के ही अपहरण और 5 लाख रुपये की फिरौती की झूठी कहानी रच डाली। सीहोर जिला पुलिस और साइबर सेल की मुस्तैदी से रविवार को इस पूरे हाई-प्रोफाइल ड्रामे का पर्दाफाश हुआ और किशोर को उज्जैन से सुरक्षित बरामद कर लिया गया।

📌 अपहरण के झूठे ड्रामे की बड़ी बातें (Key Highlights)

  • 📍 घटनास्थल: अहमदपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाला ग्राम दूरगांव (सीहोर)।
  • 🎒 वजह: नवोदय बोर्डिंग स्कूल, श्यामपुर में पढ़ाई करने से बचना चाहता था किशोर।
  • 📱 शातिर चाल: पकड़े जाने के डर से रास्ते में फेंकी मोबाइल सिम; उज्जैन स्टेशन के फ्री वाई-फाई से दीदी को भेजा फिरौती का मैसेज।
  • 👮 एक्शन टीम: सीहोर साइबर सेल की तकनीकी मदद और अहमदपुर पुलिस की त्वरित कार्रवाई से हुआ खुलासा।

🔍 1 जुलाई से गायब था छात्र, पिता ने दर्ज कराई थी रिपोर्ट

पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, ग्राम दूरगांव निवासी रामदयाल तंवर का 16 वर्षीय बेटा आगामी सत्र में श्यामपुर के नवोदय बोर्डिंग स्कूल नहीं जाना चाहता था। इसी बात से परेशान होकर वह 1 जुलाई को बिना बताए अचानक घर से लापता हो गया।

परिजनों ने अपने स्तर पर उसकी काफी खोजबीन की, लेकिन जब उसका कहीं कोई सुराग नहीं मिला, तो चिंतित पिता ने अहमदपुर थाने में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल अज्ञात के खिलाफ अपहरण का मामला दर्ज कर तलाश शुरू की।

📡 साइबर सेल ने ट्रैक की लोकेशन, उज्जैन रेलवे स्टेशन पर दबोचा

मामले को सुलझाने में सीहोर साइबर सेल की तकनीकी टीम ने अहम भूमिका निभाई:

पुलिस ने जब किशोर के डिजिटल फुटप्रिंट्स और सोशल मीडिया एक्टिविटी को खंगाला, तो उसकी लाइव लोकेशन उज्जैन में ट्रैक हुई। लोकेशन मिलते ही अहमदपुर पुलिस की एक विशेष टीम तुरंत उज्जैन के लिए रवाना हुई और उज्जैन रेलवे स्टेशन पर घेराबंदी कर किशोर को सुरक्षित अपनी कस्टडी में ले लिया।

🎭 पूछताछ में खुला राज: भोपाल से ट्रेन पकड़कर भागा था उज्जैन

थाने लाकर जब किशोर से मनोवैज्ञानिक तरीके से पूछताछ की गई, तो उसने जो सच उगला उसे सुनकर पुलिस और परिजन भी हैरान रह गए। किशोर ने बताया:

  • वह घर से भागकर सबसे पहले भोपाल बस स्टैंड पहुंचा, जहां से उसने ऑटो लिया और सीधे भोपाल रेलवे स्टेशन आ गया।
  • पकड़े जाने या ट्रैक होने के डर से उसने रास्ते में ही अपने मोबाइल की सिम निकालकर फेंक दी थी।
  • इसके बाद वह भोपाल से ट्रेन पकड़कर सीधे महाकाल की नगरी उज्जैन चला गया।

💻 वाई-फाई का इस्तेमाल कर इंस्टाग्राम पर रची फिरौती की साजिश

उज्जैन पहुंचने के बाद घरवालों की डांट और पुलिस की कार्रवाई से बचने के लिए उसने एक नया पैंतरा आजमाया। उसने उज्जैन रेलवे स्टेशन पर मिलने वाले फ्री वाई-फाई (Free Wi-Fi) से अपना मोबाइल कनेक्ट किया। इसके बाद उसने अपनी सगी दीदी के इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक मैसेज भेजा, जिसमें खुद के किडनैप होने की बात कही और छोड़ने के एवज में 5 लाख रुपये की फिरौती मांगी, ताकि परिजनों को लगे कि वाकई उसका अपहरण हो गया है।

🚸 बयान दर्ज कर परिजनों को सौंपा

सच्चाई सामने आने और पूछताछ की औपचारिकताएं पूरी होने के बाद अहमदपुर पुलिस ने किशोर के वैधानिक बयान दर्ज किए। काउंसिलिंग के बाद पुलिस ने बच्चे को उसके माता-पिता और परिजनों के सुपुर्द कर दिया है। सुरक्षित बेटे को वापस पाकर परिजनों ने सीहोर पुलिस और साइबर टीम का आभार व्यक्त किया है।

स्रोत: अहमदपुर थाना प्रभारी एवं जिला पुलिस अधीक्षक कार्यालय, सीहोर (मध्य प्रदेश) द्वारा जारी आधिकारिक प्रेस नोट।

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