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Sehore Farmers Protest (06 July 2026): सीहोर जिले के भैरुंदा क्षेत्र में सोमवार को मूंग की शत-प्रतिशत खरीदी की मांग को लेकर किसानों का गुस्सा फूट पड़ा। किसान स्वराज संगठन के बैनर तले हजारों की संख्या में किसान अपने ट्रैक्टरों के साथ सड़कों पर उतर आए। उग्र आंदोलन के तहत किसानों ने पहले विशाल ट्रैक्टर मार्च निकाला और फिर इंदौर-भोपाल हाईवे तथा भैरुंदा-इंदौर हाईवे पर पूरी तरह चक्काजाम कर दिया, जिससे दोनों मुख्य मार्गों पर वाहनों के पहिये थम गए।
आंदोलन की गंभीरता तब और बढ़ गई जब किसानों का मांग पत्र (ज्ञापन) लेने के लिए जिला कलेक्टर खुद मौके पर नहीं पहुंचे। इससे नाराज किसान बीच सड़क पर ही धरने पर बैठ गए और इंदौर-भोपाल हाईवे को पूरी तरह ब्लॉक कर दिया। इस दौरान किसानों ने प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
📌 किसान आंदोलन और चक्काजाम की बड़ी बातें (Key Highlights)
- 🚜 महा-आंदोलन: किसान स्वराज संगठन के नेतृत्व में हजारों किसानों का ट्रैक्टर मार्च।
- 🛑 हाईवे ब्लॉक: इंदौर-भोपाल और भैरुंदा-इंदौर हाईवे पर घंटों रहा चक्काजाम।
- जिद पर अड़े किसान: कलेक्टर के न आने पर भड़के किसान; अन्य अधिकारियों को ज्ञापन सौंपने से किया साफ इंकार।
- 🚨 प्रशासनिक अमला अलर्ट: मौके पर भारी पुलिस बल तैनात; बंद कराने और रास्ता खुलवाने की कोशिशें जारी।

📋 ये हैं आंदोलनकारी किसानों की प्रमुख मांगें
किसान नेताओं ने दो टूक शब्दों में प्रशासन के सामने अपनी मांगें रखी हैं और साफ किया है कि वे अपना ज्ञापन केवल जिला कलेक्टर को ही सौंपेंगे:
- पूरी उपज की खरीदी: क्षेत्र के किसानों की मूंग की पूरी की पूरी उपज को समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीदा जाए।
- लिमिट और बंदिशें खत्म हों: सरकारी खरीदी प्रक्रिया में लागू की गई अधिकतम सीमा (लिमिट) और तकनीकी बाधाओं (पोर्टल व सर्वर की दिक्कतें) को तत्काल समाप्त किया जाए, ताकि किसान को अपनी मेहनत की फसल बेचने में कोई परेशानी न हो।
🚌 हाईवे पर लगा लंबा जाम, बसें और एम्बुलेंस फंसीं
लंबे समय तक दोनों मुख्य हाईवे बंद रहने के कारण भोपाल, इंदौर और सीहोर की ओर आने-जाने वाले वाहनों की किलोमीटर लंबी कतारें लग गईं:
- यात्री परेशान: भीषण गर्मी और उमस के बीच सैकड़ों यात्री बसें, निजी गाड़ियाँ और लोडिंग वाहन जाम में फंसे रहे, जिससे महिलाओं और बच्चों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
- इमरजेंसी सेवाएं प्रभावित: जाम के कारण कुछ आपातकालीन वाहन और एम्बुलेंस भी रास्ते में अटकी रहीं।
ताजा स्थिति: समाचार लिखे जाने तक (सोमवार शाम) उग्र किसान अपनी मांगों को लेकर हाईवे पर ही डटे हुए हैं। पुलिस और जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी लगातार मौके पर मौजूद हैं और किसान नेताओं से संवाद कर बीच का रास्ता निकालने व यातायात बहाल कराने का प्रयास कर रहे हैं।
स्रोत: किसान स्वराज संगठन एवं भैरुंदा क्षेत्रीय संवाददाता, जिला सीहोर (मध्य प्रदेश)।





