सीहोर में गौहत्या व अवैध व्यापार को लेकर बढ़ा आक्रोश, सख्त कार्रवाई की मांग
सीहोर में गौहत्या व अवैध व्यापार को लेकर बढ़ा आक्रोश, सख्त कार्रवाई की मांग*
drnewsindia.com /सीहोर
जिले में कथित रूप से गौहत्या, गोमांस विक्रय, अवैध गौ-परिवहन और चमड़ा व्यापार से जुड़े मामलों को लेकर स्थानीय समाज में गहरा आक्रोश देखने को मिल रहा है। विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल एवं सकल हिंदू समाज ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर इस गंभीर विषय पर तत्काल और कठोर कार्रवाई की मांग की है।
ज्ञापन में क्या कहा गया
ज्ञापन में बताया गया है कि वर्तमान समय में गौ माता का अवैध परिवहन, गौहत्या, गोमांस का विक्रय और चमड़े के व्यापार जैसी गतिविधियां लगातार बढ़ रही हैं, जिससे समाज में चिंता और असंतोष का माहौल है।

घटनाओं का विस्तृत विवरण
26 अप्रैल 2026 की घटना
ज्ञापन के अनुसार, 26 अप्रैल 2026 को कस्बा क्षेत्र के एक बूचड़खाने के पास गौमाता को निर्मम तरीके से काटकर उसके मांस और चमड़े को बेचने का प्रयास किया गया।
इस घटना की जानकारी मिलते ही समाज में भारी आक्रोश फैल गया।
हालांकि प्रशासन ने इस मामले में कार्रवाई की, लेकिन संगठनों का आरोप है कि यह कार्रवाई अपूर्ण और निष्पक्ष नहीं थी।
साथ ही, अन्य आरोपियों के नाम सामने आने के बावजूद उनके खिलाफ कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।

27 अप्रैल 2026: अल्फा प्रोटीन फैक्ट्री मामला
इसके अगले ही दिन, 27 अप्रैल 2026 को कंकड़खेड़ा स्थित अल्फा प्रोटीन नामक चमड़ा फैक्ट्री में गौमाता के चमड़े के अवैध व्यापार का मामला सामने आया।
ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि:
- फैक्ट्री में अवैध गतिविधियों के प्रमाण मिलने के बावजूद
- प्रशासन द्वारा कोई प्रतिबंधात्मक या कठोर कार्रवाई नहीं की गई
इससे स्थानीय लोगों में नाराजगी और बढ़ गई है।

प्रशासन पर गंभीर आरोप
संगठनों का कहना है कि:
- कई मामलों में निष्पक्ष जांच नहीं हुई
- दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई नहीं की गई
- अवैध गतिविधियों से जुड़े नेटवर्क पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया

सामाजिक और कानून व्यवस्था पर असर
ज्ञापन में कहा गया है कि इस प्रकार की घटनाएं:
- पशु क्रूरता कानून का उल्लंघन हैं
- सामाजिक सौहार्द और शांति व्यवस्था को प्रभावित कर रही हैं
- धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचा रही हैं
इसके कारण समाज में आक्रोश और असंतोष बढ़ता जा रहा है, जो भविष्य में गंभीर स्थिति का रूप ले सकता है।
मुख्य मांगें
संगठनों ने प्रशासन से निम्नलिखित मांगें रखी हैं:
- गौमांस, चमड़ा और गौ-परिवहन में उपयोग किए गए वाहनों को जब्त कर उनका रजिस्ट्रेशन निरस्त किया जाए
- गोमांस खरीदने और बेचने वाले सभी लोगों की पहचान कर सख्त कार्रवाई की जाए
- जिन दुकानों पर गोमांस की सप्लाई हुई है, उन्हें चिन्हित कर लाइसेंस की जांच कर अवैध पाए जाने पर सील या ध्वस्त किया जाए
- गौहत्या और संबंधित गतिविधियों में शामिल व्यक्तियों के मकानों पर बुलडोजर कार्रवाई की जाए
- अवैध बूचड़खानों और चमड़ा व्यापार से जुड़े नेटवर्क की पहचान कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए
- आरोपियों पर रा.सु.का. (राष्ट्रीय सुरक्षा कानून) और जिला बदर जैसी कठोर धाराएं लगाई जाएं
- जांच के लिए एक विशेष टीम गठित की जाए




